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शिमला में बाहरी वाहनों पर लगेगी ग्रीन फीस, नगर निगम ने प्रस्ताव पारित किया

हिमाचलनाउ डेस्क • 29 Mar 2025 • 1 Min Read

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अब बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को ग्रीन फीस चुकानी होगी। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई नगर निगम की मासिक बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को इस शुल्क से छूट दी गई है।

क्या है ग्रीन फीस का नया प्रस्ताव?

  • नगर निगम 2015 से ग्रीन फीस वसूलने की योजना बना रहा था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही थी।
  • इस बार प्रस्ताव में शुल्क की दरें घटाई गई हैं और वसूली की नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
  • स्थानीय लोग जिनके पास बाहरी नंबर वाली गाड़ियां हैं, वे नगर निगम से प्रमाण पत्र बनवाकर इस फीस से बच सकते हैं।

नई और पुरानी ग्रीन फीस दरें

वाहननई दरेंपुरानी दरें
दो पहिया₹30₹50
छोटी कार₹80₹200
मालवाहक वाहन₹100₹200
ट्रक-बस₹200₹300

कैसे होगी ग्रीन फीस की वसूली?

कोई बैरियर नहीं लगाया जाएगा, बल्कि हाईटेक कैमरों के जरिए बाहरी गाड़ियों की पहचान होगी।
✅ वाहन नंबरों की आरटीओ रिकॉर्ड से पुष्टि की जाएगी, जिसके बाद वाहन मालिक को SMS के जरिए शुल्क भुगतान का नोटिफिकेशन मिलेगा।
24 से 48 घंटे के भीतर फीस जमा करनी होगी, अन्यथा दोबारा अलर्ट भेजा जाएगा।
भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा—डेबिट, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और QR कोड के जरिए।
✅ यह पूरा सिस्टम स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम

नगर निगम ने स्पष्ट किया कि ग्रीन फीस से प्राप्त राजस्व को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में खर्च किया जाएगा। पहले 2014 में इस शुल्क को लागू किया गया था, लेकिन बैरियर विवाद के चलते इसे बंद कर दिया गया था। अब नई तकनीक से इसे फिर शुरू किया जा रहा है।

अब इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर सरकार लगाएगी, जिसके बाद शिमला आने वाले बाहरी वाहनों पर यह ग्रीन फीस लागू हो जाएगी।