एचआईवी संक्रमित लोगों से भेदभाव मिटाने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर
शिमला में एचआईवी/एड्स की रोकथाम, जांच और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव और सामाजिक कलंक समाप्त करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में संक्रमित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक सहयोग उपलब्ध करवाने के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
शिमला
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एड्स सुरक्षा (MAS), जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति (DAPCC) और जिला सामुदायिक संसाधन समूह की बैठक हुई। इसमें जिले में संचालित एचआईवी/एड्स रोकथाम गतिविधियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों और संस्थाओं को आपसी समन्वय से जागरूकता कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों तक एचआईवी/एड्स से संबंधित सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता भी बताई।
जांच और परामर्श सेवाओं पर चर्चा
बैठक में जोखिम वाले समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, परामर्श एवं जांच सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं सामाजिक सहयोग देने पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने लोगों से एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर समय रहते जांच और उपचार सेवाओं का लाभ लिया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में चल रही गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने एड्स की रोकथाम, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए सुझाव रखे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तहसीम, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल, संबंधित विभागों के अधिकारी, जिला स्तरीय समिति के सदस्य और सामुदायिक संसाधन समूह के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।