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रिज मैदान में ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ का आयोजन, कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उठाए सवाल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर अपने विचार रखे।

शिमला

रिज मैदान में हुआ सत्याग्रह कार्यक्रम

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा शिमला के रिज मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार ने किया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. संजय, प्रदेश संयोजक सचिन मिरूपा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, चरखा चलाकर संदेश

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष चरखा चलाकर उनके सत्य, अहिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस दौरान लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया गया तथा संगठनात्मक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की बात कही गई।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगाए गए सवाल

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने मध्य प्रदेश में एक नामांकन से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

संगठन ने जताई लोकतंत्र की रक्षा की प्रतिबद्धता

डॉ. पंवार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अभियान चला रही है, जिसे संगठन गांव-गांव तक पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है तथा इसके लिए जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

देशवासियों से किया गया आह्वान

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने देशवासियों से अपील की कि वे महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे आएं।