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Shimla Summer Festival / शिमला ग्रीष्मोत्सव में 320 महिलाओं ने प्रस्तुत की महानाटी, नशा मुक्ति और नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 5 Hours Ago • 1 Min Read

Shimla Summer Festival : शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव के दूसरे दिन 320 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने सामूहिक रूप से महानाटी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति, नारी सुरक्षा, महिला स्वावलंबन और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश विभिन्न माध्यमों से प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही ग्रीष्मोत्सव में पहली बार मलखंब खेल का प्रदर्शन भी आयोजित किया गया, जिसमें पारंपरिक भारतीय खेल संस्कृति को दर्शाया गया।

शिमला

ग्रीष्मोत्सव के दूसरे दिन आयोजित हुई महानाटी

अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के दूसरे दिन ऐतिहासिक रिज मैदान पर महानाटी का आयोजन किया गया, जिसमें 320 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने एक साथ भाग लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित इस प्रस्तुति की थीम ‘मां’ पर आधारित रही। प्रतिभागियों ने पारंपरिक हिमाचली परिधान ढाठू और रेजटा पहनकर नाटी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने हिमाचली लोक संस्कृति और परंपराओं को मंच के माध्यम से प्रदर्शित किया। महानाटी के आयोजन को देखने के लिए रिज मैदान और मालरोड पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश किए गए प्रदर्शित

महानाटी के दौरान प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति, नारी शक्ति, महिला सुरक्षा और महिला स्वावलंबन से जुड़े संदेश भी प्रस्तुत किए। महिलाओं ने पोस्टरों और विशेष रूप से तैयार किए गए छातों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता संबंधी संदेश प्रदर्शित किए। कार्यक्रम में शिमला जिले के विभिन्न आईसीडीएस केंद्रों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल हुईं। आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों की रही उपस्थिति

ग्रीष्मोत्सव के दौरान रिज मैदान और मालरोड क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कई पर्यटकों ने भी सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि दिखाई और नाटी प्रस्तुति का आनंद लिया। कार्यक्रम में जिला शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी आयोजन में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन निर्धारित सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत किया गया।

ग्रीष्मोत्सव में पहली बार हुआ मलखंब प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव में इस वर्ष पहली बार मलखंब खेल का प्रदर्शन भी शामिल किया गया। करुणा भारती संस्था के कलाकारों ने मालरोड और ग्रीष्मोत्सव स्थल पर मलखंब की प्रस्तुति दी। टीम संयोजक संजय सूद ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इससे पहले मंडी में मलखंब का प्रदर्शन किया जा चुका है, जबकि शिमला ग्रीष्मोत्सव में इसका यह पहला आयोजन है। उन्होंने कहा कि प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने खेल के प्रति रुचि दिखाई और कलाकारों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

मलखंब को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर दिया गया जोर

संजय सूद ने बताया कि मलखंब भारत की पारंपरिक खेल विधाओं में शामिल है और इसका इतिहास प्राचीन भारतीय परंपराओं से जुड़ा माना जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश के विभिन्न राज्यों में इस खेल को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार यदि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध हों तो अधिक युवा इस खेल से जुड़ सकते हैं। उन्होंने प्रदेश में मलखंब के लिए समर्पित अभ्यास स्थलों और प्रशिक्षण सुविधाओं की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि भविष्य में राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को तैयार किया जा सके।

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