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शिरगुल देवता मंदिर में शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू, पांच दिन चलेगा कार्यक्रम

हिमाचलनाउ डेस्क • 24 Feb 2025 • 1 Min Read

राजगढ़: प्राचीन शिरगुल देवता मंदिर, राजगढ़ में शिवलिंग की स्थापना के लिए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत हो गई है। शिरगुल मंदिर समिति राजगढ़ द्वारा आयोजित यह अनुष्ठान पांच दिनों तक चलेगा। मुख्य आचार्य सुभाष शर्मा ने बताया कि यह अनुष्ठान क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा, सुख-समृद्धि और आमजन के कल्याण के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

🕉️ पांच दिवसीय अनुष्ठान का कार्यक्रम:

  1. पहला दिन:
    • शिवलिंग और नंदी महाराज को पूरी रात जल में रखा जाएगा।
    • यह प्रक्रिया भगवान शिव को शांत करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए की जाती है।
  2. दूसरा दिन:
    • शिवलिंग को अनाज में रखा जाएगा, जो समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक है।
  3. तीसरा दिन:
    • शिवलिंग को फल, फूल और वस्त्रों में रखा जाएगा।
  4. चौथा दिन:
    • पीठ पूजन और शिखर पूजन के बाद नगर परिक्रमा की जाएगी।
    • इसके बाद शैया दिवस के तहत शिवलिंग की स्थापना की जाएगी।
  5. पांचवां दिन:
    • हवन यज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें सैकड़ों भक्त आहुतियां अर्पित करेंगे।
    • हवन के बाद विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों भक्त महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।

🌟 अचल प्रतिष्ठा का महत्व:

मुख्य आचार्य सुभाष शर्मा ने बताया कि शिवलिंग की स्थापना अचल प्रतिष्ठा के रूप में की जा रही है।

  • अचल प्रतिष्ठा का अर्थ है स्थायी स्थापना, जो सदियों तक बनी रहती है।
  • इसके विपरीत चल प्रतिष्ठा में छोटी मूर्तियों की स्थापना की जाती है, जिन्हें कहीं भी ले जाकर पूजा किया जा सकता है।
  • इस अनुष्ठान में स्थापित होने वाला शिवलिंग स्थायी रहेगा और आने वाली कई पीढ़ियां इसकी पूजा-अर्चना कर सकेंगी।

इस प्राचीन मंदिर में हो रहे इस धार्मिक आयोजन में दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। भक्तों का मानना है कि इस अनुष्ठान से क्षेत्र में शांति, खुशहाली और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होगी।