सिरमौर में 50 गांव तंबाकू मुक्त बनाने के निर्देश, उल्लंघन पर होगी त्वरित कार्रवाई
सिरमौर जिले में तंबाकू मुक्त युवा अभियान-4.0 के तहत 50 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने और तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के साथ होटलों, सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर औचक निरीक्षण एवं चालान करने को कहा है। यह 60 दिवसीय अभियान 28 अक्टूबर से 26 दिसंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
नाहन
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित बैठक में तंबाकू मुक्त युवा अभियान-4.0 की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने जिला स्तरीय समन्वय समिति को तय योजना पर तत्परता से काम करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि अभियान का उद्देश्य तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, विशेष रूप से युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना और सिरमौर को तंबाकू मुक्त जिला बनाना है।

कोटपा अधिनियम की कड़ाई से अनुपालना के निर्देश
बैठक में बताया गया कि कोटपा अधिनियम, 2003 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन, नाबालिगों को इन उत्पादों की बिक्री और शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध है। उपायुक्त ने इन प्रावधानों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गठित कार्य बल समय-समय पर होटलों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करे तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान सहित विधिसम्मत कार्रवाई अमल में लाए।
उपायुक्त ने नगर परिषद और नगर पंचायतों के माध्यम से कूड़ा एकत्र करने वाली स्वच्छता गाड़ियों में एंटी टोबैको जिंगल चलाकर लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि अभियान को शैक्षणिक संस्थानों, शहरी निकायों, पंचायती राज संस्थाओं और अन्य प्रशासनिक संस्थानों के सहयोग से लागू किया जा रहा है। अभियान की गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू और अन्य नशों के नुकसान के बारे में जागरूक करना है।
बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के तहत शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वीके सांगल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। संबंधित विभागों को अभियान की अवधि के दौरान निर्धारित गतिविधियां आयोजित करने और ग्रामीण तथा शैक्षणिक स्तर पर तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने को कहा गया।