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सिरमौर में पंचायत चुनाव का बड़ा धमाका, 273 पंचायतों के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर जारी

PRIYANKA THAKUR • 7 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / नाहन

जिला सिरमौर में पंचायत चुनाव का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है। सोमवार को 273 ग्राम पंचायतों के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर जारी होते ही गांव-गांव में चुनावी हलचल तेज हो गई है।आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब जिला सिरमौर में पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अगले कुछ दिनों में नामांकन, समीकरण, सामाजिक सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक हलचल और तेज होने की पूरी संभावना है।

नाहन

जिला सिरमौर में पंचायत चुनाव का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है। सोमवार को 273 ग्राम पंचायतों के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर जारी होते ही गांव-गांव में चुनावी हलचल तेज हो गई है। कई पंचायतों में इस बार आरक्षण श्रेणी बदलने से संभावित उम्मीदवारों के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जबकि महिला और आरक्षित वर्गों के लिए सीटें तय होने के बाद अब स्थानीय राजनीति में नई सक्रियता साफ दिखाई देने लगी है।

उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जिले के 8 विकास खंडों—नाहन, पांवटा साहिब, पच्छाद, राजगढ़, शिलाई, संगड़ाह, ददाहू और कमरऊ स्थित तिलोरधार—की ग्राम पंचायतों के प्रधान पदों के लिए आरक्षण तय किया गया है। इस बार पंचायतों को महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जनजाति महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला तथा अनारक्षित श्रेणियों में बांटा गया है।रोस्टर जारी होने के साथ ही अब पंचायत चुनाव को लेकर दावेदारों की सक्रियता, सामाजिक समीकरणों की हलचल और गांव स्तर पर रणनीतिक बैठकों का दौर तेज होने की संभावना है। कई पंचायतों में आरक्षण बदलने से पुराने दावेदारों की राह रुकी है, तो वहीं नए चेहरे अब चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

नाहन विकास खंड में यह रहा पूरा आरक्षण रोस्टर
नाहन विकास खंड की सलानी कटोला, बनकला, बर्मा पापड़ी, सुरला और नाहन ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।आमवाला सैनवाला, सतीवाला, देवका पुडला और कौलावालाभूड़ पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में रखी गई हैं।पालियों, मात्तर और नगल सुकेती पंचायतें अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।नलका और चाकली पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हैं, जबकि नेहली धीड़ा पंचायत अन्य पिछड़ा वर्ग में रखी गई है।नाहन-द्वितीय, पंजाहल, बनेठी, देवनी और नावणी पंचायतें महिला वर्ग में गई हैं।वहीं धगेड़ा, विक्रमबाग, सैन की सेर, रामाधौण, कालाअंब, मोगीनंद, क्यारी और त्रिलोकपुर पंचायतें अनारक्षित श्रेणी में रखी गई हैं।

पांवटा साहिब विकास खंड में कई पंचायतों की बदली तस्वीर
पांवटा साहिब विकास खंड की अम्बोया, राजपुर, डांडा, बढ़ाना और डांबरी सालवाला पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में आरक्षित की गई हैं।कंडेला अदवाड़, भरली आगरो, टोरु डांडा आंज और शिवा पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल की गई हैं।माजरा, फतेहपुर, नवादा, गुरुवाला सिंहपुरा, पड़दुनी, फूलपुर, पलहोडी, अजोली, जमानीवाला, खोदरी, भुगरनी, गोरखुवाला, नघेता, टोकियो, कुंडियों और पीपलीवाला पंचायतें महिला वर्ग में गई हैं।ब्यास, शिवपुर, रामपुर भारापुर और बहराल पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।हरिपुरखोल, बद्रीपुर, भाटावाली, भेला, धौलाकुआं, बनोर, मिश्रवाला, गोजर अड़ायन, भगानी, मुगलावाला करतारपुर, कयारदा, पूरूवाला, कुँजा, अमरकोट, मेलियों और पातलियों पंचायतें अनारक्षित श्रेणी में रखी गई हैं।

पच्छाद विकास खंड में महिला वर्ग को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व
पच्छाद विकास खंड की डिन्नर-किन्नर, नैना टिक्कर, टिकरी कुठाड़, कथाड़, बागधन, बजगा, बनौना, नारग, कोटला बरोग और महलोग लाल टिक्कर पंचायतें महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।साधनाघाट, जयहर, धरोटी, शीना, चम्मेंजी, काटली और दाड़ों देवरिया पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में रखी गई हैं।मानगढ़, शाडियां, कोटला पंजोला, नेरी नावन, सुरला जनोट, वासनी और डिलमन पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल हैं।सिरमौरी मंदिर, सराहां, लाना बाका, जामन की सेर, बनाह धीनी, धार टिकरी, द्राबली, बनी बखोली, दीद धलुत और बाग पशोग पंचायतों को अनारक्षित रखा गया है।

राजगढ़ विकास खंड में भी साफ हुआ चुनावी गणित
राजगढ़ विकास खंड की दाहन, छोगटाली, राणाघाट, नेरी कोटली, डिम्बर, नेहर पाब, कोटी पधोग, धनच मानवा और हाब्बन पंचायतें महिला वर्ग में गई हैं।माटल बखोग, बोहल टालिया, दीदग, सेर जगास, चंदोल, देवठी मझगांव ठोड निवाड और डिब्बर पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में आरक्षित की गई हैं।कोठिया जाजर, नेई नेटी, शिलानजी, थेना बसोतरी, भानत और कुंडू लवाण पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल हैं।करगाणू, टाली भुजजल, काथली भरण, नेहरटी बघोट, शालाना, भूईरा और कडोली दोची पंचायतें अनारक्षित रखी गई हैं।

शिलाई विकास खंड में भी व्यापक आरक्षण लागू
शिलाई विकास खंड की रास्त, क्यारी गुंडाह, मानल, हल्लाहा, नैनीधार और धारवा पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में रखी गई हैं।बेला बश्वा, शिलाई, पाव मानल, नाया, अश्याड़ी, लोजा मानल, जरवा जुनैली, बिडला दिगवा, कोटी उतरोऊ, बान्दली और सियासू पंचायतें महिला वर्ग में शामिल की गई हैं।कोटापाब और कांडो भटनोल पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में गई हैं।जबकि पनोग, झांकडो, नवाना भटवाड, कोटी बोच, लानी बोराड, मिलालह, बाम्बल, बाली कोटि और चामरा मोहराड़ पंचायतें अनारक्षित श्रेणी में रखी गई हैं।

संगड़ाह विकास खंड में भी आरक्षण ने बदले समीकरण
संगड़ाह विकास खंड की रेडली, घन्डूरी, पुन्नरधार, रजाना, शामरा, दाना घाटों, कुफर-कैथू और चौकर पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में आरक्षित की गई हैं।भवाई, गवाही, सांगना, लुधियाना, अन्धेरी, चाडना, दिवडी खडांह, भाटन भुजौण्ड, भुटली मानल और भौण कड़ियाना पंचायतें महिला वर्ग में गई हैं।गनोग, शिवपुर, सैंज, माईना घडेल, नौहराधार, रणफुआ जबडॉग और लाना पालर पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल हैं।संगड़ाह ग्रामीण, लाना चेता, बडोल, सेर तंडुल, भराडी, देवा मानल, टिकरी डसाकना, सताहन, गेहल और भलौना पंचायतें अनारक्षित रखी गई हैं।

ददाहू विकास खंड में भी कई पंचायतों की स्थिति बदली
ददाहू विकास खंड की खूड द्राबिल, कोटी धीमान, जरग, जामू कोटी, कटाह शीतला और बगड़ पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में आरक्षित की गई हैं।महीपुर, नेहर सवार, पराडा, पनार, कोटला मोलर, भनेत हलदवाडी और भाटगढ़ पंचायतें महिला वर्ग में रखी गई हैं।छोऊ भोगर, खलाक्यार, कटवाडी बागडत और मालगी पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल हैं। जबकि कमलाड, भरोग बनेडी, कान्डों-कांसार, थाना कसोगा, बिरला, मधाना, ददाहु और छछेती पंचायतें अनारक्षित श्रेणी में रखी गई हैं।

तिलोरधार विकास खंड में भी घोषित हुआ पूरा रोस्टर
कमरऊ स्थित तिलोरधार विकास खंड की टटियाणा, भजौन, पौका, कांटी मश्वा, कुनेर धमौन और मीनल बाग पंचायतें अनुसूचित जाति महिला वर्ग में रखी गई हैं।शमाह पम्ता और गुढ़ी मानपुर पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग महिला में गई हैं।बोकाला पाब और कान्डो च्योग पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में शामिल की गई हैं।ठौंठा जाखल, दुगाना, पोका, शरली मानपुर, कठवार, कमरऊ और बडवास पंचायतें महिला वर्ग में आरक्षित की गई हैं।जबकि सतौन, चांदनी, बल्दवा बोहल खुईनल, जामना और शिल्ला पंचायतें अनारक्षित रखी गई हैं।

आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब जिला सिरमौर में पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। जिन पंचायतों में इस बार श्रेणी बदली है, वहां चुनावी रणनीति भी पूरी तरह बदलती दिख रही है। महिला और आरक्षित वर्गों के लिए सीटें तय होने के बाद अब गांव स्तर पर नए चेहरे उभरने की संभावना बढ़ गई है, जबकि कई पुराने दावेदारों को नई परिस्थितियों में अपने विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।जिला प्रशासन की ओर से जारी यह रोस्टर अब आने वाले पंचायत चुनावों का सबसे अहम आधार माना जा रहा है। अगले कुछ दिनों में नामांकन, समीकरण, सामाजिक सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक हलचल और तेज होने की पूरी संभावना है।