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सिरमौर में गेहूं खरीद प्रक्रिया संपन्न, 640 किसानों से खरीदा गया 19,777 क्विंटल गेहूं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

सिरमौर जिले में रबी विपणन सत्र के दौरान गेहूं खरीद प्रक्रिया निर्धारित अवधि के भीतर सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। कृषि विभाग के अनुसार जिले में स्थापित दो खरीद केंद्रों के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की गई। इस दौरान 640 किसानों ने अपनी उपज खरीद केंद्रों पर बेची, जहां कुल 19,777 क्विंटल गेहूं की खरीद दर्ज की गई।

सिरमौर

08 अप्रैल से 15 जून तक चली खरीद प्रक्रिया

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में रबी विपणन सत्र 2026 के तहत गेहूं खरीद प्रक्रिया निर्धारित अवधि में पूरी कर ली गई है। कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार जिले में 08 अप्रैल से 15 जून 2026 तक गेहूं खरीद अभियान संचालित किया गया। इस दौरान किसानों को अपनी उपज सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभागीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ समय पर मिल सके।

640 किसानों ने बेची अपनी उपज

कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. साहिब सिंह ने बताया कि जिले के कुल 640 किसानों ने इस वर्ष खरीद केंद्रों पर अपनी गेहूं की उपज बेची। खरीद अवधि के दौरान किसानों से कुल 19,777 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जिसके अनुसार किसानों से खरीद की गई। विभाग के अनुसार समर्थन मूल्य पर खरीद होने से किसानों को अपनी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त हुआ और उन्हें खुले बाजार में मूल्य संबंधी अनिश्चितताओं का सामना नहीं करना पड़ा।

दो केंद्रों पर हुई खरीद

जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांवटा साहिब और धौलाकुआं में दो गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए गए थे। आंकड़ों के अनुसार पांवटा साहिब खरीद केंद्र पर सबसे अधिक 15,634 क्विंटल गेहूं की खरीद दर्ज की गई, जबकि धौलाकुआं केंद्र पर 4,142 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। दोनों केंद्रों पर किसानों की उपज की गुणवत्ता जांच, तौल और पंजीकरण की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की गई। खरीद केंद्रों के संचालन से आसपास के क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई।

किसानों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाएं

कृषि विभाग ने बताया कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। खरीद केंद्रों पर उपज की प्राप्ति, रिकॉर्ड सत्यापन, पंजीकरण, तौल और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया। विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण भी किया गया ताकि खरीद कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलता रहे। किसानों को खरीद प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

कृषि विपणन व्यवस्था को मिला सहयोग

विभाग के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद से जिले के किसानों को अपनी उपज के विपणन का एक व्यवस्थित माध्यम मिला। खरीद केंद्रों के माध्यम से किसानों को सीधे सरकारी व्यवस्था के तहत उपज बेचने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे कृषि विपणन प्रणाली को भी सहयोग मिला। कृषि विभाग का मानना है कि इस प्रकार की खरीद व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में विपणन तंत्र को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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