सोलन में आठ पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की राहत राशि मंजूर
सोलन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आठ पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की राहत राशि मंजूर की गई है। उपायुक्त मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक में वर्ष 2023 से 31 अक्टूबर 2026 तक दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को पात्र पीड़ितों तक समयबद्ध तरीके से सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
सोलन
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 से 31 अक्टूबर 2026 तक जिले में अधिनियम के तहत कुल 85 मामले दर्ज हुए। इनमें से 44 मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं, जबकि 31 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इस अवधि में 84 मामलों के 103 पीड़ितों को कुल 91.66 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। समिति ने भेदभाव और छुआछूत से जुड़ी शिकायतों तथा पुलिस जांच के अधीन मामलों पर भी चर्चा की।
मासिक रिपोर्ट और नियमित बैठकों के निर्देश
उपायुक्त ने पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा मामलों की मासिक रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने पर बल दिया। उन्होंने अधिनियम के तहत उपमंडल स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने और उपमंडलीय सतर्कता एवं प्रबोधन समितियों के गठन से जुड़े विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। संबंधित विभागों से कहा गया कि पीड़ितों को न्याय और सहायता उपलब्ध करवाने के लिए संवेदनशीलता तथा समयबद्धता के साथ काम किया जाए।
उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के बारे में समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला न्यायवादी संजय पंडित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन मुख्यालय संतोष शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक बद्दी योगराज चंदेल, जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।