POCSO / नाबालिग अपहरण और दुराचार मामले में दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास, कोर्ट ने सुनाया फैसला
Himachalnow / सोलन
Pocsco : सोलन में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुराचार के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। मामले में जुर्माना भी लगाया गया है और भुगतान न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रखा गया है।
सोलन
अदालत का निर्णय और सजा
सोलन स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) की अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुराचार के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने निर्णय में मामले के तथ्यों, प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार बनाया। इसके साथ ही आरोपी पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा, जिससे सजा का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
मामले की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम
पब्लिक प्रोसिक्यूटर पृथ्वी सिंह नेगी के अनुसार यह मामला वर्ष 2023 से संबंधित है, जब पीड़िता नाबालिग थी। आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में लिया और उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उसे लोधी माजरा (बद्दी) क्षेत्र से उत्तर प्रदेश लेकर गया, जहां उसने कई बार उसके साथ दुराचार किया। इस दौरान पीड़िता अपने परिवार से दूर रही और घटना का क्रम जारी रहा, जिसके आधार पर बाद में मामला दर्ज किया गया और जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
घटना के बाद पीड़िता की माता ने महिला पुलिस थाना बद्दी में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस टीम पीड़िता की तलाश में उत्तर प्रदेश पहुंची, जहां आरोपी के घर से पीड़िता और आरोपी दोनों को बरामद किया गया। बरामदगी के बाद पीड़िता को सुरक्षित लाया गया और आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
साक्ष्य और अदालत का अंतिम फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाहों को अदालत में पेश किया गया, जिनके बयानों और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया। पुलिस द्वारा तैयार की गई चार्जशीट और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पूरे मामले का परीक्षण किया। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी धर्मेश, निवासी गांव सुगवान, तहसील व जिला हरदोई (उत्तर प्रदेश) को दोषी करार दिया और उसे निर्धारित सजा सुनाई।