सोलन नगर निगम में महापौर और उप महापौर के चुनाव के परिणाम घोषित
नगर निगम सोलन में हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम एवं निर्वाचन नियमों के तहत महापौर और उप महापौर का निर्वाचन संपन्न हुआ। मतगणना के बाद वार्ड-2 की पार्षद सुषमा शर्मा को महापौर तथा वार्ड-3 के पार्षद गौरव को उप महापौर निर्वाचित घोषित किया गया।
सोलन
निर्धारित नियमों के तहत संपन्न हुई निर्वाचन प्रक्रिया
उपायुक्त सोलन ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 तथा हिमाचल प्रदेश नगर निगम निर्वाचन नियम, 2012 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर निगम सोलन के महापौर एवं उप महापौर का निर्वाचन संपन्न कराया। निर्वाचन प्रक्रिया नियम 81-ए, 81-बी और 81-सी के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित की गई। मतदान, मतपेटियों की प्रक्रिया, मतगणना और परिणामों की घोषणा सहित सभी चरण निर्धारित कानूनी एवं वैधानिक नियमों के अनुसार संपन्न किए गए।
17 नवनिर्वाचित पार्षदों और विधायक ने किया मताधिकार का प्रयोग
नगर निगम सोलन के महापौर और उप महापौर के निर्वाचन में सोलन विधानसभा क्षेत्र के विधायक कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने नगर निगम के 17 नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महापौर पद के लिए वार्ड नंबर-2 की पार्षद सुषमा शर्मा और वार्ड नंबर-9 की पार्षद मीनाक्षी शर्मा उम्मीदवार थीं। वहीं उप महापौर पद के लिए वार्ड नंबर-3 के पार्षद गौरव तथा वार्ड नंबर-13 के पार्षद नरेंद्र कुमार चुनाव मैदान में थे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी पात्र मतदाताओं ने मतदान किया, जिसके बाद मतगणना शुरू की गई।
मतगणना के बाद घोषित किए गए निर्वाचन परिणाम
मतदान प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतों की गिनती की गई। मतगणना समाप्त होने पर निर्वाचन अधिकारी ने वार्ड नंबर-2 की पार्षद सुषमा शर्मा को नगर निगम सोलन का महापौर तथा वार्ड नंबर-3 के पार्षद गौरव को उप महापौर निर्वाचित घोषित किया। निर्वाचन परिणाम की औपचारिक घोषणा मतगणना पूरी होने के तुरंत बाद की गई और इसके साथ ही महापौर एवं उप महापौर के निर्वाचन की प्रक्रिया विधिवत संपन्न हो गई।
निर्वाचन के दौरान अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता कापटा सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरी प्रक्रिया का संचालन निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुरूप किया गया, ताकि मतदान और मतगणना की सभी औपचारिकताएं पारदर्शी एवं विधिसम्मत तरीके से पूरी की जा सकें।
