Himachalnow / नाहन
सोमवती अमावस्या हिन्दू धर्म में एक विशेष और पवित्र दिन है। इस साल यह 30 दिसंबर 2024 को पड़ रही है, जो कि पौष माह की आखिरी अमावस्या होगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है, और मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
सोमवती अमावस्या पर दीया जलाने का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि सही स्थान पर दीया जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और पितृ प्रसन्न होते हैं। इस लेख का मुख्य उद्देश्य आपको यह बताना है कि घर में किन-किन जगहों पर दीया जलाना शुभ माना जाता है।
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घर के इन स्थानों पर जलाएं दीया
1. पीपल के पेड़ के नीचे
- क्यों करें: धार्मिक मान्यता है कि पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं और पितरों का वास होता है।
- कैसे करें: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं।
- लाभ: यह उपाय पितरों को प्रसन्न करता है और जीवन के कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
2. मुख्य द्वार पर
- क्यों करें: मुख्य द्वार को घर का प्रवेशद्वार और ऊर्जा का केंद्र माना जाता है।
- कैसे करें: शाम के समय घी या तेल का दीया मुख्य द्वार पर जलाएं।
- ध्यान रखें: द्वार साफ और सुसज्जित हो, और वहां अंधेरा न हो।
- लाभ: माता लक्ष्मी की कृपा से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती।
3. पितरों की तस्वीर के पास
- क्यों करें: पितरों की तस्वीर के पास दीया जलाने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है।
- कैसे करें: घर की दक्षिण दिशा में पितरों की तस्वीर के सामने दीया जलाएं।
- लाभ: यह उपाय पूर्वजों का आशीर्वाद दिलाता है और परिवार में खुशहाली लाता है।
4. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा)
- क्यों करें: ईशान कोण को देवी-देवताओं की प्रिय दिशा माना जाता है।
- कैसे करें: इस दिशा में घी का दीया जलाएं।
- लाभ: धन-धान्य में वृद्धि होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
5. दक्षिण दिशा में
- क्यों करें: दक्षिण दिशा पितरों की दिशा मानी जाती है।
- कैसे करें: घर के बाहर सरसों के तेल का दीया जलाएं।
- लाभ: पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
दीया जलाने के फायदे और आवश्यक सावधानियां
- दीया जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।
- यह सुनिश्चित करें कि दीया जलाने का स्थान साफ-सुथरा हो।
- दीया जलाने के दौरान श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखें।
- दीया जलाने के बाद पूजा स्थान पर कुछ देर ध्यान लगाएं।
निष्कर्ष
सोमवती अमावस्या पर सही स्थानों पर दीया जलाने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी साधन है।
इस पवित्र दिन पर अपने घर में दीया जलाएं और देवी-देवताओं तथा पितरों की कृपा से जीवन को मंगलमय बनाएं।
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