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सोनम वांगचुक के उपचार को लेकर पत्नी पहुंचीं दिल्ली हाई कोर्ट, निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 19 Jul 2026 • 1 Min Read

21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उपचार को लेकर उनकी पत्नी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है। वहीं, सफदरजंग अस्पताल ने जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि चिकित्सकीय सलाह के बावजूद उपचार के कुछ आवश्यक विकल्प स्वीकार नहीं किए गए हैं।

दिल्ली

उपचार को लेकर हाई कोर्ट पहुंचा परिवार

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अस्पताल बदलने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने अदालत से मामले में तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि परिवार अपनी पसंद के निजी अस्पताल में उनका उपचार कराना चाहता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि मरीज के उपचार से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार परिवार को मिलना चाहिए, ताकि चिकित्सकीय आवश्यकताओं के अनुसार आगे की व्यवस्था की जा सके।

स्वास्थ्य संबंधी दावों पर दोनों पक्षों की अलग-अलग जानकारी

गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि अस्पताल की ओर से परिवार को बताया गया था कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक पहुंच गया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में इस आंकड़े का उल्लेख नहीं किया गया और केवल पोटैशियम स्तर में कमी की बात कही गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वतंत्र प्रयोगशाला में कराई गई जांच में पोटैशियम स्तर 3.5 दर्ज किया गया। इन दावों को आधार बनाते हुए परिवार ने उपचार की प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं अदालत के समक्ष रखी हैं।

निजी अस्पताल में स्थानांतरण की अनुमति की मांग

परिवार का कहना है कि कई बार सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति मांगी गई, लेकिन अब तक उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया गया। याचिका में अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। परिवार के अनुसार संबंधित मंजिल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और पूरे अस्पताल परिसर में भी सुरक्षा बल मौजूद हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने अदालत से निजी अस्पताल में स्थानांतरण की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

सफदरजंग अस्पताल ने स्वास्थ्य बुलेटिन में क्या कहा

सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार रात जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि सोनम वांगचुक होश में हैं तथा उनकी नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर फिलहाल सामान्य सीमा में हैं। अस्पताल के अनुसार 28 जून से जारी भूख हड़ताल के कारण उनमें निर्जलीकरण के लक्षण देखे गए हैं और गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं से बचाव के लिए तरल पदार्थ तथा इलेक्ट्रोलाइट उपचार की आवश्यकता बताई गई है। अस्पताल ने यह भी कहा कि डॉक्टरों और एम्स के स्वतंत्र विशेषज्ञ की सलाह के बावजूद मरीज ने नसों के माध्यम से तरल पदार्थ, ओआरएस और दवाएं लेने से इनकार किया है। अस्पताल के अनुसार उपचार के लिए आवश्यक सहमति भी अब तक प्राप्त नहीं हुई है।

28 जून से जारी है अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और वर्तमान में उनके आंदोलन का 21वां दिन चल रहा है। हाल ही में उन्हें दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी, जहां चिकित्सकीय निगरानी जारी है। इस बीच परिवार की ओर से अस्पताल बदलने की मांग और अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के बाद मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष पहुंच गया है। अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद आगे की प्रक्रिया और उपचार व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

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