प्रदेश की संपदा जनहित में होगी इस्तेमाल, भ्रष्टाचार पर लड़ाई जारी रहेगी: मुख्यमंत्री सुक्खू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चिड़गांव में आयोजित जनसभा में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी तथा प्रदेश की संपदा का इस्तेमाल आम लोगों के हित में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए वह प्रदेश की संपदा को न लूटने देंगे और न लुटने देंगे। मुख्यमंत्री ने इस लड़ाई में जनता से सहयोग करने का आह्वान भी किया।
शिमला/रोहड़ू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब और आम लोगों के हित में प्रदेश की संपदा का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय पर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह लोगों का कार्यालय है, जहां आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने भाजपा पर प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यालय बनाने का आरोप भी लगाया।
वाइल्ड फ्लावर हॉल और जेएसडब्ल्यू मामलों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल और जेएसडब्ल्यू से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रदेश के हितों की रक्षा की है। उन्होंने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में प्रदेश के पक्ष में मिली सफलता से हिमाचल के खजाने में लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। उनके अनुसार, सरकार प्रदेश की संपदा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है।
पुरानी पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं पर रखी बात
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है और आने वाले समय में अन्य कर्मचारियों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही पात्र परिवारों को 300 यूनिट बिजली उपलब्ध करवाने की बात भी कही गई।
आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता बढ़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान प्रदेश में 23 हजार घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने ऐसे प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये की थी और अब इसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देने और उनके पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा रही है।