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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अभियान: आपसी सहमति से सुलझेंगे लंबित मामले, शुरू होगा “समाधान समारोह 2026”

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

सुप्रीम कोर्ट की ओर से “समाधान समारोह 2026” अभियान की शुरुआत न्याय प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इस अभियान के तहत लंबित मामलों को आपसी सहमति और बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। अगस्त 2026 में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में उपयुक्त मामलों का निपटारा किया जाएगा।

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देश में न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026” अभियान शुरू किया जा रहा है। इस विशेष पहल का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति और बातचीत के माध्यम से निपटारा करना है।जानकारी के अनुसार इस अभियान की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से होगी, जबकि इसके तहत विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में किया जाएगा। इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों को शामिल कर उनका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

अभियान के तहत पूर्व-सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका तथा उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों और समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में किया जाएगा। सुलह और वार्ता प्रक्रिया 21 अप्रैल से ही शुरू हो जाएगी, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों की सहायता करेंगे।विशेष बात यह है कि पक्षकार इन बैठकों में व्यक्तिगत रूप से या आभासी माध्यम से भी शामिल हो सकेंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।

सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को “समाधान समारोह” से जोड़ने के लिए एक सरल गूगल फॉर्म भी तैयार किया गया है। इच्छुक पक्षकार सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है।न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान से न केवल अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान भी मिल सकेगा।

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