ठियोग जल आपूर्ति मामले में नौ अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ अदालत में चालान पेश
Himachalnow / शिमला
ठियोग में जल संकट के दौरान टैंकरों से पानी आपूर्ति से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में विजिलेंस ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया है। जांच में रिकॉर्ड में दर्ज कई टैंकर नंबर स्कूटर, मोटरसाइकिल और कारों के पाए जाने सहित कई तथ्य सामने आए हैं।
शिमला
विजिलेंस ने जांच पूरी कर अदालत में पेश किया चालान
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून के दौरान टैंकरों से पानी आपूर्ति के नाम पर सामने आए करीब 1.13 करोड़ रुपये के कथित मामले में विजिलेंस ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश कर दिया है। इस मामले में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित ठेकेदारों सहित कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस के अनुसार जल संकट के दौरान टैंकरों से पानी आपूर्ति के लिए तैयार किए गए रिकॉर्ड, भुगतान प्रक्रिया और परिवहन विवरण की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
रिकॉर्ड में दर्ज टैंकर नंबर स्कूटर और कारों के पाए गए
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिन टैंकरों को पानी सप्लाई के लिए रिकॉर्ड में दर्शाया गया था, उनके कई रजिस्ट्रेशन नंबर परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में स्कूटर, मोटरसाइकिल और कारों के निकले। विजिलेंस जांच में यह भी पाया गया कि कुछ ऐसे गांवों में भी टैंकरों से पानी आपूर्ति दिखाई गई, जहां सड़क सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। इन गांवों के नाम पर भी पानी सप्लाई के बिल तैयार किए गए और भुगतान प्रक्रिया पूरी की गई। जांच एजेंसी ने संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर इन तथ्यों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है।
बिना टेंडर प्रक्रिया के ठेकेदारों को सौंपा गया कार्य
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि पानी ढुलाई का कार्य निर्धारित टेंडर प्रक्रिया अपनाए बिना कुछ ठेकेदारों को दिया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार टेंडर शर्तों में लेलू पुल से पानी भरने का प्रावधान था, लेकिन जांच में पाया गया कि कुछ मामलों में नालों से पानी भरकर सप्लाई की गई। विजिलेंस ने जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर, लिपिक सहित अन्य अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों को मामले में आरोपी बनाया है। आरोप है कि बिना पर्याप्त सत्यापन के बिल तैयार किए गए और उन्हें आगे भुगतान प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
भुगतान प्रक्रिया और बयान दर्ज करने के दौरान सामने आए तथ्य
विजिलेंस के अनुसार इस मामले में अब तक करीब 120 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया कि फील्ड स्तर पर भौतिक सत्यापन के बिना ही कई भुगतान स्वीकृत किए गए। प्रारंभिक जांच के बाद सरकार द्वारा 10 अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जबकि संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी जारी किए गए थे। विजिलेंस ने दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और विभागीय फाइलों के आधार पर अदालत में अपना चालान पेश किया है।
आरटीआई के माध्यम से सामने आया था मामला
ठियोग में टैंकरों से पानी आपूर्ति से जुड़ा यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी प्राप्त की थी। इसके बाद सरकार ने मामले की विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए थे। जांच पूरी होने के बाद अब अदालत में चालान पेश किए जाने के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।