ऊना के हटली में सूबेदार कुलदीप राज का भव्य स्वागत, सम्मान समारोह आयोजित
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
ऊना के हटली गांव में सूबेदार कुलदीप राज के सेवानिवृत्ति के बाद घर लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने सम्मान समारोह आयोजित कर उनके सैन्य योगदान को सराहा।
ऊना
उप मंडल बंगाणा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हटली के निवासी सूबेदार (सेवानिवृत्त) कुलदीप राज के अपने पैतृक गाँव लौटने पर ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। लगभग 30 वर्षों तक भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद हैदराबाद से सेवानिवृत्त होकर जब वे अपने गाँव पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने वीर सपूत का गर्मजोशी से स्वागत किया और समारोह स्थल पर उत्सव जैसा वातावरण बन गया।
समारोह के दौरान कुलदीप राज को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने उनके सैन्य जीवन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा निष्ठा, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने भारतीय सेना की ईएमई (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स) कोर में रहकर देश की सेवा की और कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
विशेष रूप से सियाचिन ग्लेशियर जैसे दुर्गम और अत्यंत चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उनकी तैनाती को उनके साहस और देशभक्ति का प्रतीक बताया गया। सियाचिन में तैनाती को सेना की सबसे कठिन ड्यूटियों में गिना जाता है, जहां अत्यधिक ठंड, बर्फीले तूफान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सैनिकों को अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे कठिन हालात में भी कुलदीप राज ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया।
कुलदीप राज का परिवार भी सैन्य परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता जुल्फी राम शर्मा भारतीय सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके अलावा उनके एकमात्र पुत्र भी वर्तमान में सेना में सेवाएं दे रहे हैं। इस प्रकार परिवार की तीन पीढ़ियों ने देश सेवा में अपना योगदान दिया है, जो क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे परिवार समाज में देशभक्ति और सेवा भावना की मिसाल पेश करते हैं।
जानकारी के अनुसार कुलदीप राज की प्रारंभिक भर्ती बीआरओ हमीरपुर के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं शुरू कीं। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया और अपने व्यवहार से सहकर्मियों व अधिकारियों के बीच सम्मान प्राप्त किया।
इस मौक़े पर सूबेदार कुलदीप राज ने सभी ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने गाँव में मिला यह सम्मान उनके जीवन का सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे देश सेवा को अपना लक्ष्य बनाएं और सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की रक्षा में योगदान दें।
