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आयोडीन की कमी से गंभीर रोगों का खतरा, टक्का स्कूल में विद्यार्थियों को बताए बचाव के उपाय

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

ऊना जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टक्का में आयोजित जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने आयोडीन युक्त नमक का संतुलित मात्रा में सेवन करने, उसे सही तरीके से सुरक्षित रखने और नमक में आयोडीन की मात्रा की नियमित जांच करवाने की सलाह दी।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला ऊना ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा के दिशा-निर्देशानुसार विश्व आयोडीन अल्पता विकार रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों को भोजन में आयोडीन के समुचित उपयोग और इसकी कमी से पैदा होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने विद्यार्थियों को आयोडीन के महत्व की जानकारी दी।

शारीरिक और मानसिक विकास में आयोडीन की अहम भूमिका

गोपाल कृष्ण ने बताया कि आयोडीन शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। यह थायराइड ग्रंथि के सामान्य कामकाज के साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से घेंघा, मानसिक एवं तंत्रिका संबंधी विकार, जन्मजात दोष और शारीरिक अक्षमता जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। गर्भावस्था में आयोडीन की कमी से गर्भपात और गर्भस्थ शिशु के मृत जन्म का जोखिम भी बढ़ सकता है।

नमक की जांच करवाने की दी सलाह

बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने बताया कि आयोडीन की पूर्ति का सबसे सस्ता और सुलभ स्रोत आयोडीन युक्त खाने वाला नमक है। उन्होंने नमक के सही उपयोग, उसके स्वास्थ्य लाभ और उसमें आयोडीन की उचित मात्रा बनाए रखने के तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में नमक में आयोडीन की मात्रा जांचने की विधि भी बताई गई। लोगों को आशा कार्यकर्ताओं की सहायता से घर में इस्तेमाल होने वाले नमक की नियमित जांच करवाने की सलाह दी गई।

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे विचार

कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने आयोडीन के महत्व, इसकी कमी से होने वाले दुष्प्रभाव और संतुलित आहार की आवश्यकता पर विचार रखे। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीएचओ ऋतु सैनी, गांव टक्का की आशा कार्यकर्ता, प्रधानाचार्य बलविंदर कुमार, उपप्रधानाचार्य वरिंद्र कपिल, राजकुमारी, असीम, विद्यालय का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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