विद्यालय परिसर में हुआ हंगामा, बच्चों के सामने चले लात-घूंसे
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के लंभुआ इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां कंपोजिट विद्यालय पठखौली में बाइक खड़ी करने को लेकर दो शिक्षकों के बीच तीखी बहस हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। यह पूरी घटना स्कूल के बच्चों के सामने हुई, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने दोनों शिक्षकों का वेतन रोक दिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। विद्यालय में कार्यरत शिक्षक राम गोपाल ने अपनी बाइक स्कूल परिसर में खड़ी कर दी और गांव में चले गए। इस दौरान किसी बच्चे ने गलती से उनकी बाइक स्टार्ट कर दी।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
जब राम गोपाल वापस लौटे, तो उन्होंने प्रधानाध्यापक प्रभारी राजकुमार गुप्ता पर बाइक स्टार्ट करवाने का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
मारपीट में बदला विवाद, बच्चों के सामने शिक्षकों ने खोया आपा
जब विद्यालय की छुट्टी हुई और बच्चे स्कूल से बाहर निकलने लगे, तब राम गोपाल ने रास्ते में प्रधानाध्यापक राजकुमार गुप्ता को रोक लिया और उनसे भिड़ गए।
देखते ही देखते दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। लात-घूंसे चलने लगे और दोनों एक-दूसरे को जमीन पर गिराकर पीटने लगे। बच्चों और अन्य शिक्षकों ने किसी तरह उन्हें अलग किया, लेकिन तब तक किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
- BSA उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि
- दोनों शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है।
- BEO (खंड शिक्षा अधिकारी) से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी गई है।
- दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्यालय बुलाया गया है।
- भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानाध्यापक का पक्ष – ‘वीडियो अधूरा है’
प्रभारी प्रधानाध्यापक राजकुमार गुप्ता ने अपनी सफाई में कहा कि
- राम गोपाल ने पहले उन पर हमला किया और उन्हें जमीन पर गिरा दिया।
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो अधूरा है और पूरी सच्चाई नहीं दिखा रहा।
शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान
बच्चों को संस्कार और अनुशासन सिखाने वाले शिक्षक जब खुद स्कूल परिसर में इस तरह का अशोभनीय व्यवहार करेंगे, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। जिस विद्यालय में बच्चों को शिक्षा और अनुशासन सिखाने की जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है, वहां अगर शिक्षक ही आपस में लड़ेंगे, तो बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना होगा कि BSA और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और दोषी शिक्षकों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए शिक्षकों को आत्मनियंत्रण और अनुशासन बनाए रखना चाहिए ताकि बच्चों के सामने गलत उदाहरण पेश न हो।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group