धर्मशाला में शहरी नियोजन पर संगोष्ठी आयोजित, राजेश धर्माणी ने प्रभावी नियोजन और राज्यों के अनुभव साझा करने पर दिया जोर
धर्मशाला में आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में तकनीकी शिक्षा, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने सतत एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए प्रभावी नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने शहरी नियोजन से जुड़ी नीतियों और कार्यप्रणालियों पर अपने अनुभव साझा किए।
धर्मशाला
शहरी विकास के लिए प्रभावी नियोजन पर दिया जोर
तकनीकी शिक्षा, आवास एवं नगर नियोजन तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को धर्मशाला स्थित रैडिसन ब्लू रिजॉर्ट में आयोजित टाउन प्लानर्स इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (आईटीपीआई) नॉर्दर्न चैप्टर की एक दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित किया। ‘नीतिगत ढांचा और योजना प्रथाओं’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सतत, संतुलित और सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए प्रभावी नियोजन के साथ विभिन्न राज्यों के सफल अनुभवों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को विकसित करने में ऐसे संवाद उपयोगी साबित होते हैं।
हिमाचल और हरियाणा के अनुभवों पर हुई चर्चा
संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के अधिकारियों एवं नगर नियोजन विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी नीतियों, योजनाओं और कार्यान्वयन संबंधी अनुभव साझा किए। हरियाणा की ई-गवर्नेंस प्रणाली, नियोजन प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी प्रस्तुति दी गई। मंत्री ने कहा कि इन अनुभवों का अध्ययन कर हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक संशोधनों के साथ उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण और टिकाऊ विकास पर प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सुरक्षित आधारभूत ढांचे और पर्यावरण अनुकूल विकास मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त मुख्य नगर योजनाकारों और स्टेट टाउन प्लानर्स ने अपने प्रशासनिक एवं तकनीकी अनुभव साझा करते हुए युवा अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर मुख्य नगर योजनाकार राज कुमार सिंह, आईटीपीआई हरियाणा रीजनल चैप्टर के चेयरमैन संजय कुमार तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं नगर नियोजन विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
