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उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र ‘जनता के पैसे की बर्बादी’, कांग्रेस का धामी सरकार पर तीखा हमला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 5 Hours Ago • 1 Min Read

उत्तराखंड विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र पर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने इसे जनता के टैक्स की बर्बादी और औचित्यहीन कदम करार दिया। इस मुद्दे पर राज्य में सियासी बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

देहरादून

उत्तराखंड विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर बुलाए गए एकदिवसीय विशेष सत्र पर कांग्रेस ने कड़ा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा और उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर इस सत्र को “औचित्यहीन” और “जनता के टैक्स की बर्बादी” करार दिया।आलोक शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। इसके बावजूद भाजपा केंद्र और राज्य स्तर पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस बिल को लेकर सियासत की जा रही है, वह वास्तव में महिला आरक्षण से ज्यादा परिसीमन से जुड़ा प्रयास था।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण पर अंतिम फैसला संसद को करना है, तो राज्य विधानसभा में विशेष सत्र बुलाने का क्या औचित्य है। शर्मा ने कहा कि इस सत्र पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो जनता की गाढ़ी कमाई है।कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे मुद्दे ज्यादा अहम हैं, लेकिन सरकार इनसे ध्यान भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले पर भी सत्र में कोई चर्चा नहीं की गई।गरिमा मेहरा दसौनी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र पर खर्च की जा रही राशि से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सकता था।

उन्होंने चारधाम यात्रा प्रबंधन में अव्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे भी उठाए। दसौनी ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों पर दबाव बना रही है।कांग्रेस ने भाजपा पर महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी कि यदि सरकार गंभीर है तो आगामी चुनाव में 33 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दे या सरकारी नौकरियों में इतना आरक्षण लागू करे।
प्रेस वार्ता में संगठन महामंत्री राजेंद्र भंडारी, लालचंद शर्मा, अभिनव थापर, शीशपाल सिंह बिष्ट, दीप वोहरा और मनोज सैनी सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।कांग्रेस के इस हमले के बाद उत्तराखंड में महिला आरक्षण और विशेष सत्र को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।