मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस का हमला, विनय कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग की
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने मतदाता सूचियों से नाम काटने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना जन आंदोलन तब तक जारी रखेगी, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद से नहीं हट जाते।
शिमला
विनय कुमार ने कहा कि भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है, लेकिन इससे मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवाल समाप्त नहीं होंगे। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के साथ लोग कथित वोट चोरी के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, इस मुद्दे के कारण देश में भाजपा के खिलाफ माहौल बन रहा है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच सवाल बढ़े हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मामले से लोगों का ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से काटे गए हैं और अब इससे जुड़ी जानकारी सामने आ चुकी है। विनय कुमार ने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े हुए हैं।
बैलेट पेपर से चुनाव की मांग का उल्लेख
विनय कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ जनमत बन रहा है और ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी जोर पकड़ रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की चुनाव प्रक्रिया का सवालों के घेरे में आना गंभीर विषय है। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना जन आंदोलन जारी रखेगी। विनय कुमार ने लोगों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटने तक पार्टी अपना विरोध समाप्त नहीं करेगी और मतदाता सूचियों तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को जनता के बीच उठाती रहेगी।