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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में वीएसके पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। नए निर्देशों के तहत विद्यालय प्रमुखों को प्रतिदिन निर्धारित समयसीमा के भीतर स्टाफ की चेक-इन और चेक-आउट जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला उपनिदेशकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए नियमित अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।

शिमला

वीएसके पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में उपस्थिति प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) पोर्टल पर दैनिक स्टाफ उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के साथ अनिवार्य कर दिया है। निदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालय प्रमुखों को शिक्षकों एवं कर्मचारियों की चेक-इन और चेक-आउट उपस्थिति प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर उपलब्ध मानव संसाधन की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करना है, ताकि उपस्थिति से संबंधित आंकड़े जिला और राज्य स्तर पर समय पर उपलब्ध हो सकें। वीएसके पोर्टल के माध्यम से शिक्षा विभाग पहले से ही विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक सूचनाओं का संकलन कर रहा है, जिसके चलते उपस्थिति डेटा को भी डिजिटल रूप से एकीकृत किया जा रहा है।

विद्यालय प्रमुखों को सौंपी गई जिम्मेदारी

नए निर्देशों के तहत विद्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी केवल अपने संस्थान तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च विद्यालयों की उपस्थिति संबंधी जानकारी भी निर्धारित समय के भीतर पोर्टल पर दर्ज करवाना संबंधित प्रधानाचार्य अथवा मुख्याध्यापक की जिम्मेदारी होगी। इससे विभिन्न विद्यालयों की उपस्थिति रिपोर्ट एकीकृत रूप से उपलब्ध हो सकेगी और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी। विभाग ने यह भी कहा है कि सभी संस्थानों को निर्धारित प्रक्रिया का समान रूप से पालन करना होगा।

निर्देशों की अनुपालना पर रहेगा विशेष ध्यान

शिक्षा विभाग ने निर्देशों के अनुपालन को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। विभाग के अनुसार उपस्थिति दर्ज करने में अनावश्यक देरी, अपूर्ण जानकारी अपलोड करना अथवा निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करना प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन से जुड़ा विषय माना जाएगा। जिला उपनिदेशकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को भी इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर अनुपालन की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

डिजिटल निगरानी प्रणाली को मिलेगा सहयोग

राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पिछले कुछ वर्षों से विद्यालयों में डिजिटल निगरानी व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत कर रहे हैं। वीएसके पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यालयों की प्रगति रिपोर्ट तथा अन्य प्रशासनिक सूचनाओं की निगरानी की जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपस्थिति संबंधी आंकड़े अधिक नियमित रूप से उपलब्ध होंगे, जिससे विद्यालयों की कार्यप्रणाली का विश्लेषण और निगरानी करना आसान होगा। विभाग का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्डिंग से डेटा की सटीकता और उपलब्धता दोनों में सुधार होगा।

प्रशासनिक जवाबदेही होगी सुनिश्चित

शिक्षा विभाग के अनुसार निर्धारित समयसीमा लागू होने से विद्यालयों से संबंधित प्रशासनिक सूचनाओं का संकलन अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। इससे विभिन्न स्तरों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी आवश्यक आंकड़े समय पर उपलब्ध होंगे। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति रिकॉर्डिंग प्रक्रिया में एकरूपता आएगी तथा विद्यालय प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही राज्य स्तर पर उपलब्ध डेटा के आधार पर विद्यालयों की कार्यप्रणाली का बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा।