कामगार बोर्ड की 48 हजार रुपये की मदद से नीरज ने पूरी की आईटीआई, अब वर्कशॉप में कर रहे काम
ऊना जिले के पंजावर निवासी नीरज कुमार ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से मिली 48 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से मोटर मैकेनिक व्हीकल ट्रेड में आईटीआई पूरी की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखने वाले नीरज अब अम्ब की एक वर्कशॉप में काम करते हुए अपने तकनीकी कौशल को व्यावहारिक अनुभव के साथ बेहतर बना रहे हैं।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
बीस वर्षीय नीरज ने 12वीं कक्षा के बाद अपने पैरों पर खड़े होने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण लेने का निर्णय किया था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण आईटीआई का खर्च उठाना आसान नहीं था। उनके पिता दिव्यांग हैं, जबकि माता सुमन कुमारी मनरेगा में मजदूरी करके परिवार चलाती हैं। नीरज की छोटी बहन भी स्कूल में पढ़ रही है। सीमित आय के बीच घर की जरूरतें और दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च पूरा करना परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी।
नीरज के परिवार का पंजीकरण हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में था। परिवार को जब पंजीकृत कामगारों के बच्चों के लिए उपलब्ध शिक्षा एवं प्रशिक्षण सहायता की जानकारी मिली तो संबंधित विभाग के माध्यम से आवेदन किया गया। बोर्ड से 48 हजार रुपये की मदद मिलने के बाद नीरज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ऊना से मोटर मैकेनिक व्हीकल ट्रेड का दो वर्षीय कोर्स इसी वर्ष पूरा कर सके। इससे प्रशिक्षण का आर्थिक बोझ परिवार के लिए कम हुआ।
आईटीआई पूरी करने के बाद नीरज अम्ब की एक वर्कशॉप में काम कर रहे हैं। यहां उन्हें संस्थान में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल करने और अनुभव बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। नीरज ने कहा कि सरकारी सहायता से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद प्रशिक्षण पूरा करने और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उनकी माता सुमन कुमारी ने भी कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए ऐसी सहायता को महत्वपूर्ण बताया।
605 लाभार्थियों को 2.49 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
जिला श्रम एवं कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 605 लाभार्थियों को कुल 2 करोड़ 49 लाख 99 हजार 560 रुपये की सहायता प्रदान की गई है। यह राशि शिक्षा, चिकित्सा, मृत्यु और विवाह से जुड़े मामलों के साथ एकल निराश्रित, विधवा एवं एकल नारी वर्ग के लाभार्थियों को दी गई। बोर्ड की शिक्षा सहायता योजना के तहत श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास के लिए 360 लाभार्थियों को 1 करोड़ 2 लाख 51 हजार रुपये की वित्तीय मदद प्रदान की गई है।
पात्रता और पारदर्शिता को प्राथमिकता
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने कहा कि पात्र निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाना बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है। योजनाओं के क्रियान्वयन में पात्रता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि सहायता वास्तविक जरूरतमंद कामगारों तक पहुंचे। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि योजनाओं से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण में मदद मिल रही है और वे रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।