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Yoga Day / कोलकाता में योग दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने योग के महत्व पर रखा दृष्टिकोण

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 10 Hours Ago • 1 Min Read

Yoga Day : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने योग को स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और वैश्विक सहभागिता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया।

कोलकाता

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए प्रधानमंत्री

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर के मुख्य कार्यक्रम में भाग लिया और देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 21 जून का दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है और यह अवसर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली तथा सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देने का माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ दुनिया के अनेक देशों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे योग के प्रति बढ़ती स्वीकार्यता और सहभागिता दिखाई देती है।

योग को वैश्विक सहभागिता से जोड़ा

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति, समाज और विभिन्न देशों के लोगों को जोड़ने का एक माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के बाद से विश्व के अनेक देशों में योग गतिविधियों का विस्तार हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। उनके अनुसार योग स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवनशैली प्रबंधन से जुड़ा एक ऐसा अभ्यास है, जिसे विभिन्न आयु वर्ग के लोग अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा मिला है।

पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि भगवान रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और लाहिड़ी महाशय जैसे व्यक्तित्वों से जुड़ी रही है, जिन्होंने योग, अध्यात्म और मानव विकास से संबंधित विचारों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मानवता, सामाजिक समरसता और व्यापक दृष्टिकोण पर बल दिया था। प्रधानमंत्री के अनुसार योग का मूल भाव भी व्यक्ति और समाज के बीच संतुलित संबंध स्थापित करने से जुड़ा है।

स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग विषय पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने में नियमित योग अभ्यास सहायक हो सकता है। उनके अनुसार योग शारीरिक लचीलापन बनाए रखने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करने में योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था का उद्देश्य केवल आयु बढ़ाना नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना भी है। इस दिशा में योग एक उपयोगी अभ्यास के रूप में देखा जा सकता है।

नियमित योग अभ्यास पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नियमित योग अभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय बनाए रखने में सहायता कर सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को अपनी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार योग को अपनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित दिनचर्या और नियमित योग अभ्यास के माध्यम से लोग अपने स्वास्थ्य प्रबंधन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योग का उद्देश्य केवल रोगों से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार से भी जुड़ा हुआ है।

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