HNN/ शिमला
राजधानी शिमला में चरस तस्करी के आरोपी को अदालत ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। इसके अलावा उसे 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
यह सज़ा विशेष अदालत वन जसवंत सिंह ठाकुर की अदालत ने सुनाई है। यदि दोषी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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गौरतलब है कि 22 अक्तूबर, 2017 को पुलिस की एक टीम ट्रैफिक चैकिंग के लिए तारादेवी-शोघी के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान बस स्टैंड शिमला की तरफ से एक मारुति कार आई, जिसे अभियुक्त राजेश ठाकुर चला रहा था तथा अभियुक्त संतोष कुमार गाड़ी में पिछली सीट पर बैठा हुआ था, जिसने अपनी गोद में एक काले रंग का कैरी बैग लिया हुआ था।
पुलिस द्वारा उस काले रंग के बैग की तलाशी ली गई जिसमें 560 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच पूरी कर चालान काेर्ट में पेश किया था।
केस के दौरान अभियुक्त राजेश ठाकुर की मृत्यु हो गई थी और दूसरे अभियुक्त संतोष कुमार के विरुद्ध अभियोजन पक्ष द्वारा 12 गवाहों के बयान कोर्ट में कलमबद्ध करवाए गए और विशेष अदालत वन ने यह सजा सुनाई है। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी वन कपिल मोहन गौतम ने की।
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