पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा एनएच 10 घंटे से उतरी में बंद
भारी भूस्खलन से एनएच पर आई बड़ी-बड़ी चट्टानें
HNN/ शिलाई
हिमाचल प्रदेश का पहला ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कार्य शिलाई विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए गले की फांस बन चुका है। फेस दो और फेस तीन के निर्माणधीन कार्य के चलते यह हाईवे अक्सर कहीं ना कहीं पर बंद हो जाता है। पिछले 10 घंटे से यह मार्ग शिलाई के समीप उतरी में हुए भारी भूस्खलन से बंद है।
जिसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी भूस्खलन के चलते पहाड़ से बड़ी-बड़ी चट्टानें मार्ग पर आ चुकी है, जिन्हें हटाने में कई घंटों का समय लग सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर उतरी के समीप हुए भूस्खलन से लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग 707 फेस तीन का कार्य कर रही एचईएस इंफ्रा कंपनी की सबलेट कम्पनी रुदनव इंफ्रा कम्पनी ने बरसात के दिनों में भी कटिंग का कार्य जारी रखा है। जिससे उतरी के समीप मानव निर्मित भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह से बंद हुआ है। यह भूस्खलन देर रात 2 बजे के करीब हुआ है।
स्थानीय लोगों सुरेश कुमार, नरेश शर्मा, संजीव ठाकुर, बलदेव सिंह, गुरुदत्त चौहान ने बताया कि मार्ग का कार्य कर रही कम्पनी द्वारा क्रेशर और पैरा पिट बनाने के लिए बरसात के दिनों में भी पहाड़ पर अंडर कट लगाए गए है, जिसके चलते पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटा है। पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटने से यहां लोगों की निजी भूमि को भी भारी नुकसान हुआ है।
भूखंड के इस मलबे में बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरी है, तो वहीं बड़ी बड़ी चट्टानें नीचे लोगों की घासनियों तक भी पहुंच गई हैं। जिससे लोगो को भी भारी नुकसान पहुचा है। मार्ग अवरुद्ध होने से अस्पताल जा रहे मरीजों और स्कूल जा रहे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में लोगों ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर कार्य कर रही कंपनी को बरसात के दिनों में कटिंग पर रोक लगा दी जाएं तथा संबंधित कंपनी पर बरसात के समय पहाड़ों की कटिंग करने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
क्षेत्रीय लोगों की माने तो हाइवे निर्माण में लगी कम्पनी ने सरेआम नियमों को ताक पर रखकर पहाड़ों पर ब्लास्टिंग की है। साथ ही नदी, नालों सहित लोगों की घासनीयों में जबरदस्ती करके मलबे के ढेर लगा दिए है। पहाड़ों पर मार्ग में आने वाले सभी पेयजल सोर्स को बंद कर दिया गया है।
क्षेत्र की हरी भरी वनस्पति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हजारों बीघा उपजाऊ भूमि पर मार्ग का मलबा फेंका गया है। उधर, शिलाई उपमंडल के एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि निर्माणधीन कंपनी को जल्द से जल्द मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।