सवारियों की जगह होम डिलीवरी कर रही है प्राइवेट बसें
दुर्घटना को बुलावा देने के साथ-साथ जाम का भी बनती हैं बड़ा कारण, सरकार को राजस्व का भी लगा रही हैं चूना
HNN News नाहन
सिरमौर में जिला मुख्यालय नाहन आने वाली बसें सवारी के साथ साथ मालवाहक भी बन गई हैं।गाँव घर से भेजा गया दूध राशन पानी आदि पैसे लेकर डिलीवर किया जाता है।
जिससे सरकार के राजस्व को भी भारी चूना लग रहा है। दुखद बात तो ये है कि यह निजी बस चालक कहीं भी सड़क के बीच बस रोक कर सामान डिलीवर करते हैं जिससे न केवल सड़क पर लंबा जाम बल्कि दुर्घटना का भी अंदेशा बना रहता है।
निजी बस संचालकों की मनमर्जी और लापरवाही का आलम यह भी है कि अधिकतर चालक और परिचालक बिना वर्दी के नजर आते हैं। जानकारी तो ये भी है कि चालक और परिचालक नियमित रूप से ना रख कर उन्हें दिहाड़ी पर हायर किया जाता है।
ऐसे में दिहाड़ी पर हायर किया गया चालक हेवी व्हीकल चलाने में एक्सपर्ट है या नहीं इसको लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। बताना ज़रूरी है कि सवारी व्हीकल में केवल सवारियां और उनका सामान ही ले जाया जा सकता है ना कि बिना सवारी के किसी का सामान डिलीवर किया जा सकता है।
दोहरी कमाई के चक्कर में चालक अक्सर सवारियों को गाड़ी के बोनट पर भी बिठा देते हैं जो कि दुर्घटना का एक बड़ा कारण बन सकता है।नाहन से शिमला रोड पर आईटीआई के आस-पास संकीर्ण रास्ते पर अक्सर निजी बस चालकों द्वारा सामान डिलीवरी करने की पुष्टि कभी भी की जा सकती है।
उधर आरटीओ सोना चौहान ने बताया कि सवारी अपना सामान ले जा सकती है मगर बिना सवारी के सामान का ढोया जाना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है जिसकी जांच की जाएगी।