हिमाचल प्रदेश: 38 दवाएं जांच में फेल, राज्य दवा नियंत्रक ने की कार्रवाई
देश भर के विभिन्न दवा उद्योगों में निर्मित 103 दवाएं सब्सटेंडर्ड पाई गई
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
हिमाचल प्रदेश में निर्मित 38 दवाओं के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। यह खुलासा केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में हुआ है। जांच में पता चला है कि देश भर के विभिन्न दवा उद्योगों में निर्मित 103 दवाएं सब्सटेंडर्ड पाई गई हैं।
इनमें पेनकिलर, मानसिक रोग, एलर्जी, बुखार, अल्सर व संक्रमण जैसी बीमारियों की दवाएं शामिल हैं।हिमाचल के 25 दवा उद्योगों में निर्मित 38 दवाएं भी इस सूची में शामिल हैं।
बद्दी के एक उद्योग में निर्मित दवाओं और इंजेक्शन के 6 सैंपल भी जांच में फेल हुए हैं। राज्य दवा नियंत्रक ने इन दवाओं के पूरे बैच को मार्केट से हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
सीडीएससीओ के ड्रग अलर्ट में जिन दवाओं की गुणवत्ता कटघरे में खड़ी हुई है, उनका उत्पादन काला अंब, बीबीएन, सोलन, परवाणू में हुआ है। इसके अलावा जम्मू, गुजरात, तमिलनाडु, चेन्नई, आंध्र प्रदेश, मुंबई, मध्यप्रदेश, बेंगलुरु, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।
इस मामले में राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने कहा कि सीडीएससीओ के ड्रग अलर्ट के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित दवा कंपनियों को नोटिस जारी कर संबंधित दवा का पूरा बैच बाजार से तत्काल वापस मंगवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।