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अंतरजातीय विवाह के विरोध में राष्ट्रीय देवभूमि संगठन ने किया पुलिस थाने का घेराव

Shailesh Saini 28 Mar 2025 Edited 28 Mar 1 min read

देर शाम को पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन हुआ समाप्त

हिमाचल नाऊ न्यूज़ राजगढ़ :

जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल में तीन दिन पहले हुए अंतरजातीय विवाह के बाद शुक्रवार स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। लड़की पक्ष के करीब 200 लोगों ने राजगढ़ थाने का घेराव किया । यही नहीं लड़की को उसके माता-पिता के सामने पेश करने की मांग पर प्रदर्शनकारी देर शाम तक अड़े रहे।

प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित ठाकुर भी शामिल रहे। गौरतलब है कि तीन दिन पहले, 26 मार्च को राजगढ़ क्षेत्र की टिक्कर पंचायत में एक लड़की की गुमशुदगी का मामला सामने आया था ।

लड़की पक्ष ने राजगढ़ थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस जांच में पता चला कि लड़की ने एक स्थानीय लड़के ने विवाह कर लिया है। इसके बाद दोनों जिला मुख्यालय नाहन में पुलिस के समक्ष पेश हुए और सुरक्षा की मांग की।

इसकी जानकारी मिलते ही लड़की के परिजन भड़क गए और थाने का घेराव कर दिया । प्रदर्शन के दौरान लड़की के पिता की तबीयत बिगड़ गई और वे थाने में खड़े-खड़े बेहोश होकर गिर पड़े ।

उन्हें तत्काल नागरिक अस्पताल राजगढ़ ले जाया गया । उसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा और भड़क गया । तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी।

नाहन से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लड़की मानसिक रूप से परेशान थी और उसके विवाह के पुलिस के दावे पर उन्हें विश्वास नहीं है।

उनका कहना था कि माता पिता को अपनी लड़की से मिलने का अधिकार है और जब तक लड़की को माता-पिता के सामने पेश नहीं किया जाता, थाने से नहीं हटेंगे। वही राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने मीडिया को बताया कि लड़की मानसिक रूप से बीमार है और लड़के ने उसे बहला-फुसलाकर शादी कर ली है।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ब्राह्मण समाज राजगढ़ के अध्यक्ष हरदेव भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने देर शाम को लड़की को परिजनों से मिलवाने की बात को स्वीकार कर लिया है और इसलिए प्रदर्शन वापिस लिया जा रहा है।

लंबी वार्ता के बाद परिजनों को लड़की से बात करवाने की शर्त पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। उधर डीएसपी राजगढ़ वीसी नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं और उनका विवाह कानूनी रूप से हुआ है। लड़की के आग्रह पर जिला मुख्यालय में दोनों को सुरक्षा प्रदान की गई है।