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अनुभव सूद की मेहनत से मधु विकास योजना बनी सफलता की मिसाल , 1 लाख से शुरू कर रहे 30 लाख की कमाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 22 May 2025 • 1 Min Read

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

अंबोटा के युवा ने शहद उत्पादन से बदली तकदीर, युवाओं को दे रहे प्रेरणा और रोजगार

एक लाख से शुरुआत, अब 10 लाख शुद्ध लाभ
ऊना जिले के अंबोटा गांव के युवा अनुभव सूद ने मुख्यमंत्री मधु विकास योजना का लाभ उठाकर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी। उन्होंने मात्र एक लाख रुपये की लागत से मौन पालन की शुरुआत की और आज वे सालाना 30 लाख रुपये की आय और लगभग 10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं। इसके साथ ही वे 10 अन्य लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।

मां से प्रेरणा लेकर सीखी व्यावसायिक सूझबूझ
अनुभव सूद को प्रेरणा अपनी मां निशा सूद से मिली, जो स्वयं फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी रही हैं। उन्होंने नौणी विश्वविद्यालय, सोलन और शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय, कटरा से मौन पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। पहले वर्ष में 25 बॉक्स के साथ शुरुआत कर उन्होंने 80 फीसदी अनुदान प्राप्त किया और 48 हजार रुपये की कमाई की। आगे चलकर उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार किया।

300 बॉक्स से 10,000 किलो शहद का उत्पादन
वर्तमान में अनुभव सूद के पास 300 मधुमक्खी बॉक्स हैं, जिनसे सालाना 10,000 किलो शुद्ध शहद का उत्पादन हो रहा है। उनके उत्पाद ‘पहाड़ी शहद’ ब्रांड नाम से बाजार में लोकप्रिय हो रहे हैं। वे हिमाचल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मधुमक्खियों को माइग्रेट कराकर उच्च गुणवत्ता वाले शहद का उत्पादन करते हैं।

ब्लैक डायमंड से लेकर केसर शहद तक की विविधता
अनुभव के शहद की किस्मों में मल्टी फ्लोरा, ब्लैक फॉरेस्ट, ब्लैक डायमंड, सरसों, अकाशिया और केसर शहद शामिल हैं। ये उत्पाद FSSAI से प्रमाणित हैं और इनकी कीमत 500 से 1200 रुपये प्रति किलो तक है। उन्होंने अब तक 300 से अधिक मधुमक्खी बॉक्स भी 4000 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचे हैं।

अब खुद बने प्रशिक्षक और प्रेरक
अनुभव सूद नेशनल एकेडमी ऑफ रूडसेटी, बेंगलुरु से प्रमाणित प्रशिक्षक भी हैं और अब युवाओं को मौन पालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके आउटलेट तत्तापानी और ठियोग में हैं और वे प्रदेशभर में सरस मेलों व प्रदर्शनियों में भी अपने उत्पाद बेच रहे हैं।

प्रशासन और विभाग ने सराहा
बागवानी उपनिदेशक डॉ केके भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के तहत मौन वंश, उपकरण, स्थानांतरण और प्रशिक्षण के लिए व्यापक आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं उपायुक्त जतिन लाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस योजना से जुड़ें और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं।