अनुसूचित जनजाति बिल को लागू न करने वाली सरकार को किया जाए बर्खास्त- रावत
HNN/ नाहन
सिरमौर भाजपा के जिला सह मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान करते हुए बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जहां पर गिरीपार क्षेत्र के लोगों की 55 वर्ष पुरानी मांग को पूरा किया है। वहीं पर प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू इस बिल को लागू करने में देरी कर रही है। जिससे गिरीपार क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रावत ने बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस बिल को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार को 4 महीने पहले भेजा है। लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक भी इस बिल को मंजूरी प्रदान नहीं की है। जिससे गिरी पार क्षेत्र की जनता में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। रावत ने बताया कि जिस बिल को लोकसभा एवं राज्यसभा ने ध्वनि मत से पारित किया है और उसके बाद राष्ट्रपति ने भी इस बिल को मंजूरी प्रदान की है, इस बिल को प्रदेश की कांग्रेस सरकार लटका रही है।
रावत ने बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार लोकसभा एवं राज्यसभा तथा महामहिम राष्ट्रपति के आदेश की अभेलना कर रही है। इसलिए ऐसी जन विरोधी सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर देना चाहिए। क्योंकि गिरीपार क्षेत्र के हजारों बेरोजगार बच्चों को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है।
यदि उनको चार महा पूर्व अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र मिल गए होते तो बहुत सारे बेरोजगार बच्चे अनुसूचित जनजाति से सरकारी नौकरी पाने के लिए आवेदन कर सकते थे। बहुत सारे बच्चों की नौकरी के लिए आयु सीमा भी खत्म हो रही है इसकी भरपाई कौन करेगा। इसके लिए भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है।