अब मोर्थ-एनएचएआई करेगा कालाअंब-पांवटा फोरलेन का निर्माण
अंबाला से देहरादून तक फोरलेन तैयार, अब सिरमौर के 51 किलोमीटर हिस्से की बारी; लोक निर्माण विभाग ने सभी दस्तावेज किए तैयार
हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन
जिला सिरमौर में बनने जा रहे पहले फोरलेन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कालाअंब से पांवटा साहिब के बाताचौक तक करीब 51 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के फोरलेन निर्माण की जिम्मेदारी अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण संभालेगा।
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग नाहन मंडल ने सड़क से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लिए हैं और इन्हें जल्द ही मोर्थ तथा एनएचएआई को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 31 जुलाई 2026 को भारत के राजपत्र में हिमाचल प्रदेश की पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को फोरलेन बनाने से संबंधित अधिसूचना जारी की थी।
इसी के तहत कालाअंब से पांवटा साहिब के बाताचौक तक 51 किलोमीटर सड़क को फोरलेन किया जाना है। अधिसूचना के बाद अब इस सड़क को लोक निर्माण विभाग से मोर्थ और एनएचएआई के अधीन सौंपने की प्रक्रिया तेज हो गई है।राष्ट्रीय राजमार्ग नाहन मंडल ने सड़क से संबंधित सभी दस्तावेज तैयार करने के साथ वन स्वीकृति से जुड़े आवश्यक कार्य भी पूरे कर लिए हैं।
मंडल कार्यालय की ओर से मोर्थ और एनएचएआई के अधिकारियों को ईमेल के माध्यम से परियोजना से संबंधित आवश्यक जानकारी भेजी जा चुकी है। अब केंद्र और प्रदेश सरकार के आगामी निर्देशों के बाद सड़क को औपचारिक रूप से मोर्थ और एनएचएआई को सौंपा जाएगा।
इसके बाद फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।कालाअंब-पांवटा साहिब मार्ग वर्ष 2008 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हुआ था। वर्ष 2015 के बाद इस सड़क पर चंडीगढ़ और देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया। इसके बाद वर्ष 2020-21 के आसपास इसे फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। करीब पांच वर्षों से चल रही कवायद अब केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद निर्माण के निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
कालाअंब-पांवटा मार्ग अंबाला-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-07 का अहम हिस्सा है। हरियाणा में अंबाला से कालाअंब तक फोरलेन का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि उत्तराखंड में देहरादून से पांवटा साहिब के बाताचौक तक भी फोरलेन तैयार हो चुका है।

अब हिमाचल के हिस्से में आने वाला 51 किलोमीटर मार्ग ही इस पूरे कॉरिडोर को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।अधिसूचना जारी होने के बाद अब मोर्थ और एनएचएआई द्वारा सड़क को अपने अधीन लेकर फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद है। यदि प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ती है तो वर्ष 2027 से पहले निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। फोरलेन बनने से सिरमौर की हरियाणा और उत्तराखंड से कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ यातायात, उद्योग और व्यापार को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।राष्ट्रीय राजमार्ग नाहन मंडल के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि कालाअंब से बाताचौक राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित सभी दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं। इस संबंध में मोर्थ और एनएचएआई को ईमेल के माध्यम से आवश्यक जानकारी भेज दी गई है। केंद्र और प्रदेश सरकार के आगामी निर्देशों के अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।