आधी रात पानी और मलबे ने मचाई तबाही, घर छोड़ भागे लोग, दो मकान दबे
पालचरा गांव में अचानक तेज बहाव से मचा हड़कंप, दो दुकानों और अन्य मकानों में घुसा पानी; ग्रामीणों ने रात 11 बजे प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
हिमाचल नाऊ न्यूज कुल्लू
जिला कुल्लू के सैंज क्षेत्र के पालचरा गांव में देर रात अचानक अत्यधिक पानी और मलबे का तेज बहाव आने से अफरा-तफरी मच गई। मटमैले पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते रिहायशी क्षेत्र और खेत इसकी चपेट में आ गए।

हादसे में दो मकान मलबे में दब गए, जबकि एक अन्य मकान को भी काफी नुकसान पहुंचने की सूचना है।प्रारंभिक तौर पर इस घटना को पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो के एडिट-5 में हुए रिसाव से जोड़कर देखा जा रहा है। रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
दो दुकानों और मकानों में घुसा पानी
तेज बहाव के कारण गांव में स्थित दो दुकानों और दो अन्य रिहायशी मकानों में पानी घुस गया। घरों और दुकानों में रखा सामान पानी और गाद की चपेट में आ गया। मलबे और गाद के तेज बहाव से कृषि भूमि को भी व्यापक नुकसान पहुंचने की सूचना है।
ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा
घटना के बाद ग्रामीणों ने आपसी समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रात करीब 11 बजे प्रभावित परिवारों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अचानक आई इस आपदा के चलते कई परिवारों को रात अपने घरों के बजाय अन्य ग्रामीणों के यहां बितानी पड़ी।

प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से तत्काल निरीक्षण की मांग
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और एनएचपीसी परियोजना प्रबंधन से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण करवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर प्रशासनिक और परियोजना अधिकारियों की संयुक्त टीम पहुंचकर नुकसान का विस्तृत आकलन करे, ताकि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

ग्रामीणों ने एडिट-5 से होने वाले रिसाव पर स्थायी नियंत्रण करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई है।फिलहाल घटना में कुल कितने का नुकसान हुआ है, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रशासन और एनएचपीसी अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।