आधुनिक कृषि तकनीक से किसानों की आय को बढ़ाने पर जोर- कुलपति डाक्टर डी.के.वत्स
व्यावसायिक संगोष्ठी में जुटे राज्य के नाबार्ड अधिकारी
HNN/ कांगड़ा
चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में गुरुवार को कुलपति डाक्टर डी.के.वत्स ने नाबार्ड अधिकारियों के लिए कृषि के तात्कालिक पहलुओं पर व्यावसायिक संगोष्ठी का उदघाटन किया। कुलपति जी ने आधुनिक कृषि तकनीकी से किसानों की आय को बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने के लिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि नई तकनीकी किसानों के खेतों तक जल्दी पहुंचे। नई पीढ़ी के युवा किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकी ज्ञान की तरफ आकर्षित करवाना होगा तभी वह कृषि से जुड़ेंगे।
युवा किसान जब प्रशिक्षित होंगे तभी सफल उद्यमी बनेंगे। उन्होंने कृषि यंत्रों जैसे पावर ट्रिलर, ट्रैक्टर,ड्रोन आदि के बारे में भी बात की जिसे रिमोट और मोबाइल से चलाया जा सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने ही हिमाचल प्रदेश में पावर ट्रिलर का अनुमोदन किया था।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को वित्तीय अनुदान की आवश्यकता है ताकि विभिन्न शोध परियोजनाओं के माध्यम से कृषि से जुड़ी समस्याओं का निदान किया जा सकें।
नाबार्ड के महाप्रबंधक डाक्टर विवेक पठानिया ने बताया कि तकनीकों को जब खेतों में पहुंचाया जाएगा तो बैंक के अधिकारियों के लिए भी यह आवश्यक हो जाता है वह अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाए।
उन्होंने इस बात पर आशा जताई कि विश्वविद्यालय के साथ सहयोग बढ़ाते हुए किसानों के लिए खेती की नवीनतम तकनीकों जैसे ड्रोन, पोषक अनाजों के प्रसंस्करण से जुड़ी मशीनरी, एग्री स्टार्टअप आदि पर मिलकर कार्य किया जाए।
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए घरों में मुर्गीपालन, पोषक अनाजों के उत्पाद व स्वास्थ्य में उनका महत्व, पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों के लिए खेती में ड्रोन तकनीक का महत्व व अवसर के चलते पारंपरिक तरीकों में बदलाव के साथ लाभ हो।
प्रसार निदेशालय के सह निदेशक डाक्टर राजेश उप्पल, उपमहाप्रबधंक मनोहर लाल, डाक्टर लवभूषण ने भी राज्य के विभिन्न स्थानों से आए प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया।