आर्थिक बाधाओं के पार शिक्षा की नई राह दिखा रही इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, हजारों बच्चों को मिल रही मदद
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा की उम्मीद बनी इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना।
योजना का उद्देश्य:
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिनकी माताएं विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, निराश्रित हैं या जिनके अभिभावक 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित हैं।
योजना की विशेषताएं:
- 18 वर्ष तक के बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता।
- 18 से 27 वर्ष की आयु के छात्रों के लिए सरकारी संस्थानों में मुफ्त शिक्षा।
- पीजी आवास की सुविधा न होने पर 3000 रुपये प्रतिमाह की सहायता।
- वार्षिक आय सीमा एक लाख रुपये।
- लाभार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

ऊना जिले में 1106 विद्यार्थियों को मिला लाभ:
जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) नरेंद्र कुमार के अनुसार, ऊना जिले में अब तक 1106 पात्र विद्यार्थियों को 65.09 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।

लाभार्थियों ने जताया आभार:
ऊना के वार्ड नंबर 6 की पूजा पुरी, जिनके पति का देहांत हो चुका है, बताती हैं कि इस योजना से उन्हें बेटियों की शिक्षा के लिए 6 महीने में 12,000 रुपये की सहायता मिली है।
रेणु देवी और सरोज बाला जैसी अन्य महिलाओं ने भी योजना को जीवन में संजीवनी बताते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है।