उपायुक्त हेम राज बैरवा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगली को लिया गोद, शिक्षा में नवाचार को देंगे बढ़ावा
‘अपना विद्यालय’ योजना के तहत सरकारी स्कूलों में संसाधनों, नैतिक मूल्यों और करियर मार्गदर्शन पर रहेगा फोकस
धर्मशाला
बगली स्कूल को मिला उपायुक्त का संरक्षण
कांगड़ा जिला के उपायुक्त हेम राज बैरवा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगली को गोद लिया है, जो कि जिला के सबसे पुराने विद्यालयों में से एक है। मंगलवार को उपायुक्त ने स्कूल परिसर का दौरा कर शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।
‘अपना विद्यालय’ योजना की शुरुआत
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा में नवाचार करते हुए ‘अपना विद्यालयः स्कूल गोद लेने का कार्यक्रम’ नामक एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें बेहतर संसाधनों से सशक्त बनाना है।
प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी
इस योजना के अंतर्गत सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कम से कम एक स्कूल को गोद लेंगे और उसके समग्र विकास के लिए मार्गदर्शन करेंगे। वे छात्रों को सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे, करियर काउंसलिंग प्रदान करेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग देंगे।
नैतिक शिक्षा और सकारात्मक वातावरण पर जोर
उपायुक्त ने नैतिक शिक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जरूरी है कि शिक्षक और विद्यार्थी ईमानदारी से पढ़ाने और सीखने के लिए उत्सुक हों। उन्होंने स्कूल का नियमित दौरा करने और शिक्षकों, एसएमसी और छात्रों से संवाद बनाए रखने की बात कही।
छात्रों को व्यापक विकास की दिशा में प्रेरणा
उपायुक्त ने कहा कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम, करियर काउंसलिंग, कानूनी जानकारी और पोषण जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देंगे।
सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल
उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न जटिलताओं से अवगत करवाने की आवश्यकता पर बल दिया और इसके सीमित व संतुलित उपयोग को जरूरी बताया।
उपस्थिति में रहे अधिकारी और स्कूल स्टाफ
उपायुक्त के साथ इस अवसर पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक विकास महाजन, नोडल अधिकारी सुधीर भाटिया भी उपस्थित रहे। स्कूल की प्रिंसिपल प्रोमिला शर्मा ने इसे सौभाग्य बताया और कहा कि डिप्टी कमिश्नर द्वारा स्कूल को गोद लिया जाना उनके लिए प्रेरणा है और इससे छात्रों की बेहतरी के लिए काम करने की ऊर्जा मिलेगी।