उम्र कैद के कैदियों को अब मिलेगी राहत, सजा माफी के लिए राज्यपाल को भेजी फाइल
19 कैदियों की रिहाई की समीक्षा गई थी राज्य के गृह विभाग के पास
HNN/ शिमला
प्रदेश की जेलों में बंद अच्छे आचरण वाले उम्र कैद की सजा पाने वाले कैदियों के लिए सरकार की ओर से राहत भरी खबर आई है। गृह विभाग द्वारा जिन 19 कैदियों की सजा माफी की सिफारिश राज्यपाल को भेजी गई थी उनमें से 16 कैदियों की उम्र कैद की बाकी सजा माफ हो सकती है। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश की जेलों में बंद उम्र कैद के 16 कैदी जेल से रिहा हो जाएंगे।
हालाँकि राज्य गृह विभाग से ऊना के अमरीश व दूसरे कैदी गुरजेंट सहित 3 कैदियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। जबकि यह 14 साल से अधिक सजा काट चुके है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अगली बार भेजे जाने वाले संस्तुति पर इन नामों पर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि जेल प्रशासन की ओर से अच्छे आचरण वाले कैदियों की रिहाई की फाइल ग्रह विभाग को भेजी जाती है। गृह विभाग भेजी गई संस्तुति पर समीक्षा करने का बाद फाइल राज्यपाल को भेजी जाती है।
गौरतलब है कि इससे पहले जेल एवं सुधार सेवाएं विभाग द्वारा 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद अधिनियम 1968 और हिमाचल प्रदेश जेल मैनुअल 2021 के तहत 51 कैदियों को पैरोल पर अस्थायी तौर पर रिहा किया गया है। इनमें से कुछ कैदियों को कृषि कार्य, कुछ को पारिवारिक मुलाकात, कुछ को घर मरम्मत कार्य जबकि कुछ को अन्य कार्यों के लिए अस्थायी तौर पर 42 से 28 दिन की पैरोल दी गई है।
जेलों में बंद कैदी 2 शिफ्टों में कर रहे काम
हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य भी है जहां पर जेलों में बंद कैदी 2 शिफ्टों में काम कर रहे हैं। पहली शिफ्ट सुबह 8 से 2, दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलती है। 150 के करीब ऐसे कैदी है जो जेलों से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। कैदियों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन के हिसाब से ही मजदूरी दी जाती है। प्रदेश जेल विभाग द्वारा कैदियों की आजीविका के लिए जेलों में रोजगार देने के लिए हैंडलूम, गोशाला, बुक कैफे बेकरी, कारपेंटरी व मोबाइल वैन योजना शुरू की गई है। अस्पतालों के लिए भी जेलों में बंद कैदी कंबल तैयार कर रहे हैं।