ऊना और हरोली की आंगनवाड़ियों में पोषण पखवाड़ा मनाया गया , शिविरों के माध्यम से दी गई पोषण की जानकारी
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
पोषण अभियान के तहत सुनहरे 1000 दिन, एनीमिया प्रबंधन व स्वच्छता पर दिया जा रहा विशेष जोर
पोषण अभियान के अंतर्गत समेकित बाल विकास परियोजना ऊना और हरोली में पोषण पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान रैंसरी, गलुआ, कालीवड़ी और हरोली-एक के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला ऊना की सभी आंगनवाड़ियों में पोषण पखवाड़ा के दौरान पोषण अभियान के पांच प्रमुख सूत्रों —
- सुनहरे 1000 दिन
- एनीमिया प्रबंधन
- डायरिया रोकथाम
- स्वच्छता
- पौष्टिक आहार
— के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है।
कुपोषण से बचाव के लिए प्रयास
उन्होंने बताया कि कुपोषण की रोकथाम हेतु आंगनवाड़ी स्तर से लेकर परियोजना स्तर तक विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री महिलाएं और नवजात शिशु विशेष रूप से शामिल हैं। इन वर्गों के लिए स्वस्थ आहार, नियमित जांच और टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है।
पोषण सुधार में सामुदायिक भागीदारी अनिवार्य
कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि पोषण सुधार की दिशा में जन प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समितियों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और निजी क्षेत्र की सहभागिता आवश्यक है। साथ ही उन्होंने विशेषज्ञ डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से कुपोषित बच्चों के उपचार और संतुलित आहार पर जोर दिया।
विशेष आयोजन और गोदभराई रस्म
शिविरों में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी अदा की गई और पोषक तत्वों से भरपूर आहार के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि आहार में आयरन, फोलिक एसिड, मिनरल्स और कैल्शियम को शामिल करें।
इस अवसर पर सीडीपीओ शिव सिंह, पर्यवेक्षक नीलम कुमारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ज्योति पाठक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।