ऊना में आपदाओं के मानसिक प्रभाव और मनो-सामाजिक सहायता पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
सड़कें और पुल नहीं, अब आपदाओं के मानसिक घाव भरने की दिशा में उठाया गया कदम
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना द्वारा सोमवार को “आपदाओं में मानसिक स्वास्थ्य एवं मनो-सामाजिक सहायता” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बचत भवन ऊना में एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर की अध्यक्षता में हुआ।
इस कार्यशाला में आपदा मित्र, पुलिस, होम गार्ड, स्वास्थ्य विभाग, फ्रंटलाइन विभागों के कर्मचारी, स्वयंसेवक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि समेत 50 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें वरिष्ठ नागरिकों से लेकर युवा स्वयंसेवकों तक विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हुए हैं।
प्रशिक्षण के मुख्य विषय
कार्यशाला में निम्न विषयों पर गहराई से प्रशिक्षण दिया जा रहा है:
- आपदाओं के दौरान लोगों की मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया
- मानसिक तनाव के लक्षण और उनका प्रबंधन
- बच्चों और महिलाओं के लिए मनो-सामाजिक सहयोग की रणनीतियाँ
- आत्म-देखभाल और तनाव नियंत्रण की तकनीकें
- जोखिम समझना, समुदाय की आवश्यकताएं और सहयोग तंत्र की जानकारी
- कमजोर वर्गों के लिए समान अवसर और विशेष देखभाल
आपदाओं के मानसिक प्रभाव की उपेक्षा नहीं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि ऊना जिला प्राकृतिक आपदाओं से लगातार प्रभावित होता रहा है। वर्ष 2023 की आपदा ने राज्य को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। हम अक्सर सड़क, पुल और भवनों के पुनर्निर्माण की बात करते हैं, लेकिन आपदा के मानसिक प्रभाव को लेकर समाज में जागरूकता की कमी है। यह प्रशिक्षण उसी कमी को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों की भागीदारी
डूअरज एनजीओ, शिमला से अनुराधा भारद्वाज ने बतौर संसाधन व्यक्ति कार्यशाला में प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने आपदा पीड़ितों को भावनात्मक सहारा देने के व्यवहारिक पहलुओं पर जानकारी दी।
भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन
आपदा प्रबंधन, ऊना के प्रशिक्षण समन्वयक राजन कुमार शर्मा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी संबंधित विभागों, एजेंसियों और स्वयंसेवकों के लिए समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे आपदा प्रबंधन को केवल भौतिक पुनर्वास तक सीमित न रखकर मनो-सामाजिक सहायता का मजबूत ढांचा भी विकसित किया जा सके।
कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर धीरज कुमार, रजत सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।