ऊना में पीसी-पीएनडीटी एक्ट पर समीक्षा बैठक, जन-जागरूकता के लिए उपमंडलों में लगेंगे शिविर
जिले में लिंग चयन के विरुद्ध कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पीसी-पीएनडीटी एक्ट पर जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए उपमंडल स्तर पर विशेष शिविरों की घोषणा की गई।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी और जन-जागरूकता के लिए नई योजना
समीक्षा बैठक और एक्ट का पालन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी-पीएनडीटी) अधिनियम की समीक्षा की गई। जिले के सभी 27 अल्ट्रासाउंड केंद्रों से मासिक रिपोर्ट समय पर प्राप्त हो रही है और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर समिति सदस्यों के नाम प्रदर्शित किए गए हैं।
जन-जागरूकता शिविरों की योजना
डॉ. वर्मा ने बताया कि एक्ट को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान से जोड़ा गया है। इसी के अंतर्गत एक शिविर क्षेत्रीय अस्पताल में और पांच शिविर विभिन्न उपमंडलों में आयोजित किए जाएंगे। इनमें पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
शिकायत और कार्रवाई प्रक्रिया
स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने लोगों से अपील की कि यदि किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र में लिंग परीक्षण जैसी अनियमितता की जानकारी हो, तो तुरंत जिला चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें। शिकायतें लिखित रूप में या 01975-226064 पर दी जा सकती हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में हुई सहभागिता
बैठक में डॉ. विकास चौहान, डॉ. नरेंद्र ठाकुर, डॉ. पंकज पराशर, ग्राम पंचायत धर्मपुर की प्रधान सुभद्रा चौधरी, बाथु की प्रधान सुरेखा राणा, हरोली की प्रधान रमन कुमारी समेत अन्य अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे।
