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ऊना में बेसमेंट खरीदने से पहले जांचें नक्शा , वरना फंस सकते हैं कानूनी झमेले में / महेंद्र पाल गुर्जर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 19 Jul 2025 • 1 Min Read

बेसमेंट, पार्किंग स्पेस या सरेंडर एरिया की अवैध बिक्री से पहले निगम से लें पुष्टि

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

ऊना नगर निगम क्षेत्र में अगर आप किसी भवन की बेसमेंट खरीदने जा रहे हैं, तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह स्थान अधिकृत नक्शे में किस प्रयोजन के लिए स्वीकृत है। नहीं तो न बिजली मिलेगी, न पानी, और पैसे भी डूब सकते हैं।

बेसमेंट को फ्लैट या दुकान में बदलकर बेचना अवैध

नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि कई विक्रेता पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट को फ्लैट या दुकान के रूप में बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जो पूरी तरह अवैध है। ऐसे सौदे कानूनी और व्यवहारिक रूप से खरीदार के लिए भारी परेशानी का कारण बन सकते हैं।

सार्वजनिक उपयोग की जमीन की बिक्री से भी हो रहा है धोखा

निगम ने यह भी पाया है कि ‘सरेंडर एरिया’, ‘सेट अपार्ट एरिया’ और ‘ओपन पार्किंग स्पेस’ जैसी जमीनों को भी निजी उपयोग के लिए बेचा जा रहा है। यह नियमों का उल्लंघन है और खरीदार को भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नगर निगम से जांच के बाद ही करें सौदा

महेंद्र पाल गुर्जर ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले नगर निगम में जाकर उस स्थान का वास्तविक उपयोग और स्वीकृत स्थिति की पुष्टि करें। इसके लिए एसडीओ अंकुश राणा की देखरेख में निगम कार्यालय में एक विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है। इसके अलावा निगम के दूरभाष नंबर 01975-226040 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

जांच न करने पर फंस सकते हैं बड़े विवाद में

गौरतलब है कि कई मामलों में बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत होते हैं, लेकिन विक्रेता उन्हें फ्लैट या दुकान बनाकर बेच रहे हैं। खरीदने वाले को बाद में पता चलता है कि वहां किसी भी तरह की रिहायशी या व्यवसायिक गतिविधि मान्य नहीं है। इससे न सिर्फ आर्थिक हानि होती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का खतरा भी रहता है।

नगर निगम नागरिकों की सहायता को तैयार

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिकों की सहायता को हमेशा तत्पर है, लेकिन साथ ही नागरिकों की सतर्कता भी जरूरी है। बिना पूरी जांच और स्वीकृत नक्शा देखे कोई सौदा न करें। निगम ने लोगों से अपील की है कि सिर्फ आकर्षक दाम या वादों के आधार पर संपत्ति न खरीदें।