एलडीआर पास एसएमसी शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन 28 व 30 मार्च को
गैरहाजिरी या अधूरे कागजात पर अभ्यर्थी खुद होंगे जिम्मेदार
नाहन
जिला सिरमौर में एलडीआर परीक्षा पास कर चुके एसएमसी शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन की तारीखें तय कर दी गई हैं। शिक्षा विभाग ने टीजीटी संस्कृत, टीजीटी हिंदी और ड्राइंग मास्टर पदों के लिए पात्र अभ्यर्थियों को 28 और 30 मार्च को उपनिदेशक स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक) कार्यालय नाहन में बुलाया है।
जिला सिरमौर के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 22 फरवरी 2026 को आयोजित एलडीआर परीक्षा के तहत यह सत्यापन प्रक्रिया जिला स्तर पर करवाई जा रही है। जारी कार्यक्रम के अनुसार टीजीटी संस्कृत और ड्राइंग मास्टर पद के अभ्यर्थियों को 28 मार्च सुबह 10 बजे, जबकि टीजीटी हिंदी के अभ्यर्थियों को 30 मार्च सुबह 10 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा। यह पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति के समक्ष संपन्न की जाएगी।
उन्होंने बताया कि टीजीटी हिंदी और टीजीटी संस्कृत के अभ्यर्थियों को मैट्रिक और जमा दो के प्रमाण पत्र, बीए अथवा एमए की डिग्री और अंकतालिकाएं, बीएड की संयुक्त अंकतालिका, टीईटी प्रमाण पत्र, एसएमसी नियुक्ति आदेश, एलडीआर आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, एसएमसी अनुभव प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र यदि लागू हो, एक पासपोर्ट आकार का फोटो, एसएमसी पॉलिसी 2012 के तहत नियुक्ति प्रमाण पत्र तथा एलडीआर परीक्षा परिणाम अथवा स्कोर कार्ड साथ लाना होगा। इन पदों के लिए बीएड, टीईटी और एसएमसी अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेंगे।
ड्राइंग मास्टर पद के लिए अभ्यर्थियों को मैट्रिक और जमा दो के प्रमाण पत्र, संबंधित डिग्री अथवा डिप्लोमा, एसएमसी नियुक्ति आदेश, एलडीआर आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, एसएमसी अनुभव प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र यदि लागू हो, एक पासपोर्ट आकार का फोटो, एसएमसी पॉलिसी 2012 के तहत नियुक्ति प्रमाण पत्र तथा एलडीआर परीक्षा परिणाम अथवा स्कोर कार्ड प्रस्तुत करना होगा। इस पद के लिए एसएमसी अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य रखा गया है।
उपनिदेशक राजीव ठाकुर ने अभ्यर्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की दो-दो सत्यापित प्रतियां भी साथ लेकर आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज अधूरे पाए जाएंगे, उन्हें अपात्र घोषित कर दिया जाएगा। वहीं निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहने की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अभ्यर्थी की स्वयं होगी। इस प्रक्रिया के लिए किसी भी अभ्यर्थी को अलग से व्यक्तिगत सूचना जारी नहीं की जाएगी।