एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के पास आग जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
उपायुक्त ने जारी किए सख्त आदेश, जन सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
एलपीजी प्लांट की संवेदनशीलता को देखते हुए आदेश
जिला ऊना के रायपुर सहोड़ा और मैहतपुर में स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के आसपास किसी भी प्रकार की आग जलाने की गतिविधियों पर जिला प्रशासन ने सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। उपायुक्त जतिन लाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 33 और 34 के तहत यह आदेश जारी किए हैं।
900 मीट्रिक टन ज्वलनशील गैस के कारण खतरा बढ़ा
उपायुक्त ने बताया कि यह बॉटलिंग प्लांट अत्यधिक ज्वलनशील एलपीजी गैस का भंडारण करता है, जिसमें लगभग 900 मीट्रिक टन एलपीजी स्टोर की जाती है। यह प्लांट हिमाचल और पंजाब के क्षेत्रों को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई करता है। ऐसे में प्लांट के पास पराली या अन्य किसी प्रकार की खुली आग जलाना जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
60 मीटर की परिधि में आग जलाना पूर्णतया वर्जित
उक्त आदेश के अनुसार प्लांट की सीमा से 60 मीटर के दायरे में पराली या किसी अन्य प्रकार की खुली आग जलाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। आगजनी से संभावित विस्फोट के खतरे को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
उपायुक्त ने संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों को आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, उल्लंघन की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धाराओं 51 से 60 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।