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एसआईआर पर भाजपा का पलटवार, बोली—पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रखना लोकतंत्र की पहली शर्त

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

नाहन में जिला परिषद अध्यक्ष शिवानी कुमारी और उपाध्यक्ष बलदेव भंडारी ने कांग्रेस के विरोध पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग को लेकर लगाए राजनीतिक दोहरे मापदंड के आरोप

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सिरमौर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के विरोध पर पलटवार किया है। नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला परिषद सिरमौर की अध्यक्ष शिवानी कुमारी और उपाध्यक्ष बलदेव सिंह भंडारी ने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र लोगों का नाम होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है।

जिला परिषद अध्यक्ष शिवानी कुमारी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए, जबकि अपात्र व्यक्ति को मताधिकार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है।

भाजपा का कहना है कि इस प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने के बजाय इसे निष्पक्ष मतदाता सूची सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।शिवानी कुमारी ने प्रदेश सरकार पर भी संवैधानिक संस्थाओं को लेकर टकराव का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पुलिस और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उनका आरोप था कि कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की ओर से पुलिस को धमकाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

वहीं जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बलदेव सिंह भंडारी ने कांग्रेस पर एसआईआर के मुद्दे को युवाओं के बीच गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की भूमिका पर उस समय सवाल उठाती है, जब चुनावी परिणाम उसके पक्ष में नहीं आते, जबकि उसके अनुकूल परिणाम आने पर वही संस्थाएं सही दिखाई देती हैं।

भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पिछले कई वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने शासनकाल का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से जुड़े पदाधिकारियों को दिए गए विभिन्न संवैधानिक और सार्वजनिक पदों का उल्लेख किया और सवाल उठाया कि आज उसी संस्था की निष्पक्षता पर लगातार सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस की ओर से लगाए जाने वाले ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों को भी खारिज किया। भंडारी ने कहा कि बिना ठोस आधार के ऐसे आरोप लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं।

पत्रकार वार्ता में भाजपा नेताओं ने एसआईआर को लेकर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सीधे तौर पर चुनाव की विश्वसनीयता से जुड़ी है। उन्होंने विपक्ष से इस प्रक्रिया पर राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की बात कही।इस दौरान जिला परिषद के कई सदस्य भी मौजूद रहे।