हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के लगभग तीन वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन लाखों कर्मचारी और पेंशनर अब भी अपने अधिकारों के लिए भटक रहे हैं। भाजपा नेता विनय शर्मा ने सरकार पर केवल घोषणाएं करने और क्रियान्वयन न करने का आरोप लगाया है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत नहीं, सिर्फ वादे
विनय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों को समय पर बकाया भुगतान, ओल्ड पेंशन स्कीम का प्रभावी क्रियान्वयन और डीए की समय पर किश्तें देने का वादा किया था। लेकिन हकीकत यह है कि 2023 और 2024 की डीए किश्तें अब तक लंबित हैं और एरियर का भुगतान सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है।
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केंद्र सरकार का कदम ऐतिहासिक—विनय शर्मा
विनय शर्मा ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देशभर के 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों के हित में लगातार कार्य कर रही है और हर छह महीने में महंगाई भत्ता बढ़ाकर राहत दे रही है।
हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर ठहराया जिम्मा
विनय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक प्रचार पर तो करोड़ों खर्च किए, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की अनदेखी की। सरकार ने वेतन, एरियर और पेंशन भुगतान के लिए हमेशा खाली खजाने का बहाना बनाया, जिससे कर्मचारियों में गहरी निराशा है।
भविष्य में बढ़ सकता है वित्तीय संकट
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की वित्तीय अव्यवस्था के कारण आने वाले महीनों में वेतन और पेंशन वितरण पर और संकट गहराने की आशंका है। कर्मचारियों के आंदोलन और ज्ञापन के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
भाजपा बनेगी कर्मचारियों की आवाज़
विनय शर्मा ने कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी प्रदेश की व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी उपेक्षा करना प्रशासन और विकास दोनों को कमजोर करना है।
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