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कांगड़ा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा : किसानों को शिविर में दी गई जानकारी

NEHA • 7 Sep 2024 • 1 Min Read

HNN/कांगड़ा

कांगड़ा जिले के पालमपुर में एकदिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए गए। शिविर में विकास खंड पंचरुखी के 26 और भवारना से 25 महिला किसानों ने भाग लिया। परियोजना निदेशक (आतमा) कांगड़ा डॉ. राज कुमार भारद्वाज ने बताया कि प्राकृतिक खेती से हमारी धरती, वायु और पर्यावरण शुद्ध रहेंगे और लोगों को शुद्ध अनाज मिल सकेगा।

शिविर में गाजियाबाद से आए सहायक निदेशक डाॅ. मनोज ने प्राकृतिक खेती के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और फसलों की पैदावार भी बढ़ती है। उन्होंने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले घटकों के बारे में भी बताया। शिविर में कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. रामेश्वर कुमार, आतमा के उपनिदेशक डाॅ. सुशील कुमार, डॉ. विशाखा पाल और रोहित संग्राह आदि मौजूद रहे।

डॉ. राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि जिला में प्राकृतिक खेती कुशल किसान योजना के तहत 7,482 हेक्टेयर भूमि पर 40,842 किसान रसायन मुक्त खेती कर रहे हैं। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को ड्रम लेने पर, गोशाला का फर्श पक्का करने, गाय लेने पर अनुदान भी दे रही है। उन्होंने सभी ग्राम किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया और कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले किसान अपनी पंचायत के किसानों को जागरूक करें और कम से कम अपनी पंचायत से एक गांव को प्राकृतिक खेती में परिवर्तित करें।