HP Government / हिमाचल सचिवालय कर्मचारियों के लिए आचार-व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर नए निर्देश जारी
HP Government : हिमाचल प्रदेश सरकार ने सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आचार-व्यवहार, पहनावे और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के सर्कुलर में सरकारी नीतियों पर अनधिकृत टिप्पणी और आधिकारिक दस्तावेज साझा करने को सेवा नियमों के दायरे में रखा गया है।
शिमला
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया सर्कुलर
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से विस्तृत सर्कुलर जारी किया गया है। मंगलवार को जारी निर्देशों में कार्यालयों और अदालतों में कर्मचारियों के पहनावे, सार्वजनिक आचरण और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। विभाग ने कहा है कि सरकारी सेवकों को मर्यादित, औपचारिक और सादे रंगों के कपड़े पहनने चाहिए, जबकि कैजुअल और पार्टी ड्रेस को कार्यालयीन वातावरण के अनुरूप नहीं माना गया है।
सोशल मीडिया गतिविधियां भी सेवा नियमों के दायरे में
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कर्मचारियों का आचरण केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियां भी सेवा नियमों के तहत मानी जाएंगी। किसी भी सरकारी नीति, प्रशासनिक विषय या विभागीय मुद्दे पर अनधिकृत टिप्पणी, पोस्ट, स्टोरी या ब्लॉग साझा करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जा सकता है। विभाग ने कहा है कि हाल के समय में कुछ मामलों में निर्देशों के पूर्ण अनुपालन की स्थिति नहीं पाई गई, जिसके बाद यह सर्कुलर जारी किया गया है।
विभागाध्यक्षों को पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों और प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन नियमों की जानकारी दें और उनका पालन सुनिश्चित करें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति किसी आधिकारिक दस्तावेज या उससे संबंधित जानकारी को अन्य व्यक्तियों के साथ साझा नहीं कर सकता।
सार्वजनिक मंच पर निजी विचार स्पष्ट करने होंगे
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी किसी सार्वजनिक मंच, मीडिया माध्यम या पुस्तक में अपनी राय व्यक्त करता है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि वह उसके निजी विचार हैं, न कि सरकार की आधिकारिक राय। विभागीय स्तर पर निर्देशों के अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी।