कांग्रेसी विधायक के बावजूद श्री रेणुका जी विस क्षेत्र के विकास पर लगा ग्रहण- रावत
पर्यटन से अछूते अंतर्राष्ट्रीय धरोहर वाले विधानसभा क्षेत्र के लिए नहीं एक भी एनएच
HNN/ नाहन
कांग्रेस की सरकार वाले विधायक के बावजूद आज विकास के मामले में श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र कई कोस पीछे चला गया है। यह आरोप जिला सिरमौर भाजपा के सह मीडिया प्रभारी प्रताप रावत ने जारी प्रेस अभियान में लगाए हैं।

प्रताप रावत ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा कि श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र की पवित्र झील और यहां का वेटलैंड क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय रामसर साइट पर चिन्हित है। बावजूद इसके यह क्षेत्र एक बेहतर नेशनल हाईवे के ना होते हुए पर्यटन से भी अछूता है।

उन्होंने कहा कि यह विधानसभा क्षेत्र पर्यटन की अपार संभावनाओं से भरा पड़ा है। बावजूद इसके कांग्रेस सरकार जिनका अपना विधायक इसी विधानसभा क्षेत्र का है यह क्षेत्र उन्नति के हर पैरामीटर पर बुरी तरह पिछड़ चुका है।

मां भाग्यनी जैसे प्रमुख शक्तिपीठ तक पहुंचने के लिए आज भी धार्मिक पर्यटन को लोक निर्माण विभाग के टूटे-फूटे रोड का इस्तेमाल करना पड़ता है। प्रताप रावत ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब सोचने पर मजबूर है कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें और उनके बेरोजगार युवाओं को हमेशा नजरअंदाज किया है।

प्रताप रावत ने कहा कि पूर्व में रही जयराम सरकार ने 30 विधानसभा क्षेत्र में कई 100 करोड़ों के विकास कार्य शुरू किए थे। मगर आज हर कार्य पर पूर्ण विराम लग चुका है। रावत ने कहा कि अब जनता लोकसभा चुनाव के इंतजार में है ताकि कांग्रेस को अनदेखी को लेकर बाहर का रास्ता दिखाया जा सके।

प्रताप रावत ने कहा कि श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में इस बार भारी बारिश ने करोड़ों के नुकसान किए हैं। कई लोगों की जमीन है और मकान ध्वस्त हो चुके हैं बावजूद इसके सरकार ना तो उनके जख्मों पर मरहम लगा सकी है और ना ही उन्हें कोई उचित मुआवजा जारी किया गया है।

उन्होंने कहा कि आपसी गुटबाजी मे उलझी कांग्रेस सरकार राजनीतिक भंवर में कब समा जाए कहा नहीं जा सकता। प्रताप रावत ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुख सरकार में मंत्रियों की निर्णायक क्षमता शून्य हो चुकी है।

उन्होंने यहां तक भी कह दिया कि जिला से सरकार में उद्योग मंत्री भी है बावजूद इसके ना तो जिला में एक भी नया इन्वेस्टर आया है और ना ही स्थानीय उत्पादों के उचित संवर्धन को लेकर कोई योजना बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने दशकों से अटके श्री रेणुका जी बांध परियोजना को हरी झंडी दे रखी है। बावजूद इसके राज्य सरकार विस्थापन के डर से खौफज्दा लोगों के लिए स्थापन की कोई योजना बना पा रही है।
उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र में ऐसे कई परिवार भी है जिनके पास अपनी जमीन नहीं थी मगर वह दूसरों की जमीन पर दशकों से खेती-बाड़ी कर रहे थे। रावत ने कहा कि अब यह परिवार पूरी तरह से अपंग महसूस कर रहे हैं।
रावत ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि ऐसे परिवारों के लिए भी सरकार को उनके पुनरुत्थान के लिए योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री रेणुका जी झील पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ वैज्ञानिकों के द्वारा इस झील के संरक्षण को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है बावजूद इसके सरकार इस धार्मिक सतयुगकालीन धरोहर को और उसे संरक्षित कर अपने को लेकर कोई योजना बनती नजर नहीं आ रही है।
प्रताप रावत ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि वह इस विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीरता से चिंतन करें अन्यथा कांग्रेस को बार-बार दिए गए मौकों की जगह आप जनता हर बार के लिए भुलाने को तैयारी शुरू ना कर दे।