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कांग्रेस कैंडिडेट में वेट एंड वॉच पर अब चेहरे की तलाश तेज

Ankita 14 Mar 2024 Edited 14 Mar 1 min read

संगठन से ज्यादा कश्यप को मोदी ब्रांड के साथ अपनी रणनीति भी होगी साधनी

HNN/ नाहन

प्रदेश में कांग्रेस ने अब वेट एंड वॉच के बाद कश्यप की टक्कर में चेहरे की तलाश तेज कर दी है। सूत्रों की माने तो संगठन के साथ-साथ मुख्यमंत्री खुद भावी प्रत्याशी को लेकर जमा-घटाव का फार्मूला तैयार कर रहे हैं। यह तो तय है कि कांग्रेस कोली बिरादरी से संबंध रखने वाले चेहरे को ही मैदान में उतारेगी।

बता दें कि 17 विधानसभा क्षेत्रों में जिनमें से पांच रिजर्व विधानसभा क्षेत्र भी आते हैं उनमें कोली बिरादरी 37 प्रतिशत के लगभग बहुमत रखती है। इनमें 13 विधानसभा क्षेत्र पर कांग्रेस तीन पर बीजेपी तथा एक निर्दलीय विधायक है। एससी रिज़र्व में पच्छाद, कसौली, श्री रेणुका जी, सोलन तथा रोहड़ू शामिल है।

कांग्रेस के सामने इस संसदीय सीट पर अब वर्चस्व की जंग के साथ मुख्यमंत्री की खुद की प्रतिष्ठा भी दाव पर है। अब यदि बात की जाए भाजपा की तो मौजूदा संगठन सुरेश कश्यप की जगह महिला चेहरे की तलाश भी कर रहा था। मगर सुरेश कश्यप की ईमानदार छवि और पार्टी के प्रति निष्ठा के साथ-साथ सांसद निधि का शत प्रतिशत प्रयोग उनके लिए सहायक सिद्ध हुआ।

बड़ी बात तो यह है कि तीन गुटों में बटी हुई प्रदेश की भाजपा में से सुरेश के शब्द किसी भी गुट में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है। यही नहीं संगठन के द्वारा शिमला संसदीय क्षेत्र के लिए सांसद के चेहरे से ज्यादा केंद्र की योजनाओं को प्रधानमंत्री के नाम पर ही प्रचारित किया गया है। हालांकि भाजपा के संगठन को एक बेहतर अनुशासनात्मक संगठन से जोड़कर देखा जाता है।

मगर यह भी जान लेना जरूरी है कि पूर्व सरकार के दौरान तीन विधानसभा क्षेत्र तथा एक मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए संगठन के निचले लेवल की होमवर्क रिपोर्ट फेल हो गई थी। माना जाता था कि बूथ तथा पन्ना प्रमुखों में अधिकतर के द्वारा वास्तविक रिपोर्ट की जगह टेबल रिपोर्ट बनाई गई थी। कमोबेश प्रदेश में संगठन की स्थिति अभी भी बेहतर नहीं मानी जाती है।

ऐसे में सुरेश कश्यप को अपने बेहतर रिपोर्ट कार्ड के साथ जनता के बीच में जाना होगा। जबकि मोदी नाम का ब्रांड प्रदेश में हाल ही में पैदा की गई राजनीतिक स्थिरता के बाद कुछ परसेंट गिर भी है। प्रदेश में पैदा हुए राजनीतिक हालातो के बाद मुख्यमंत्री के साथ सिंपैथी वोट में काफी बढ़ोतरी भी हुई है।

जाहिर है सुरेश कश्यप के सामने कांग्रेस की सरकार के साथ-साथ खुद के किए गए कार्यों को जस्टिफाई करना एक बड़ी चुनौती होगी। कांग्रेस के द्वारा मौजूदा समय महिला चेहरे पर भी एक्सरसाइज की जा रही है। तो वहीं कार्यकर्ता तथा संगठन का मनोबल बढ़ाने को लेकर विधायकों की जगह निष्ठा को तवज्जो दी जा सकती है।

ऐसे में अमित नंदा के अलावा सोलन से दो चेहरों पर भी विचार विमर्श चल हुआ है। अमित नंदा कोली बिरादरी से जुड़े हुए हैं तथा सोलन जिला से ताल्लुक रखने वाले पूर्व मंत्री के सगे संबंधियों में भी आते हैं। युवा कांग्रेस का प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सिरमौर के प्रभारी रहते हुए उनका रिपोर्ट कार्ड भी बेहतर माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस सुरेश कश्यप की टक्कर में बिरादरी से जुड़े चेहरे का रिपोर्ट कार्ड बनाने में भी जुट गई है।

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